Kohramlive : संसार के कल्याणकारी देव, भोलेनाथ की आराधना का आज शुभ दिन महाशिवरात्रि है। इस दिन हर भक्त अपने आराध्य के सामने शीश नवाकर, जलाभिषेक कर, व्रत रखकर और मंत्रों से महादेव को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि का व्रत और पूजा 26 फरवरी को आरंभ होगी, जब त्रयोदशी समाप्त होकर चतुर्दशी का आगमन होगा। ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक शिव आराधना के लिये सबसे उत्तम समय रात 12.09 बजे से 12.59 बजे तक का है। भक्तजन पूरी रात चार प्रहरों में पूजन कर सकते हैं। स्नान कर सफेद वस्त्र धारण करें, शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित करें। बेलपत्र, बेर और धतूरा भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय हैं, अतः इन्हें अर्पित करें। दीप जलाकर आरती करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी अत्यंत फलदायी होता है।
व्रत का महत्व
इस दिन शिवभक्त निर्जला या फलाहार व्रत रखते हैं और शिवालयों में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से शिव आराधना करने से समस्त कष्टों का नाश होता है और शिव कृपा प्राप्त होती है।
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