रांची : सोनू को बीच सड़क पर काट कर निपटा देने में वांटेड विनोद सिंह, राजू सिंह, राहुल सिंह और दीपक सिंह ने सरेंडर कर दिया। वहीं तीन अन्य अभियुक्त देवानंद सिंह यादव, मनीष तिवारी और रोहन सिंह अभी भी फरार हैं। आत्मसमर्पण के बाद कोर्ट ने सभी जेल भेज दिया। कोहराम लाइव ने 27 नवंबर 2020 को “देखिये… चीखते बाप के सामने कैसे काट डाला जवान बेटे को” शीर्षक से खबर चलाई थी। जिसके बाद रांची पुलिस हरकत में आई और विनोद की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस की बढ़ती दबिश के बाद आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर किया।
यहां याद दिला दें कि बीते 28 अगस्त 2020 को नामकुम थाना क्षेत्र में चीखते बाप के सामने बेटे सोनू को काट डाला गया था। वो सड़क पर जान बचाने के लिए बेतहाशा भाग रहा था। उसका खून करने पर आमादा कुछ शख्स दौड़ा रहे थे उसे। ज्यादातर के हाथों में थी तलवार। तब लोग वहां से आ-जा रहे थे। भागता सोनू चीख रहा था- कोई तो बचाओ इन जालिमों से। सुनी सबने, पर बचाने कोई सामने नहीं आया था। रोड पर किसी की चीख चित्कार सुन जब 65 साल के अशर्फी सिंह बाहर निकले, जो कुछ देखा, अवाक रह गये। चीखने वाला कोई गैर नहीं, उनका अपना बेटा सोनू था। पैरों पर गिर पड़े लाचार बाप और बेटे की जान बख्श देने की करने लगे थे गुहार। तरस किसी को नहीं आयी थी। जालिमों ने पहले बाप को लाठी से बुरी तरह से पीटकर अधमरा कर दिया और फिर उनकी आंखों के सामने ही सोनू को काट डाला था। पुलिस की थ्योरी थी कि अपने नाम का खौफ पैदा करने की चाह में यह अपराध विनोद कुमार सिंह और उसके गुर्गे ने किया।
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वहीं सोनू की बेवा कुसुम रोज जीती और मरती रही। कुसुम बताती है कि ऐसा कोई दिन नहीं गुजरा जब उसे केस उठा लेने की धमकी नहीं दी जाती। हत्यारे खुलेआम उसे धमकाते थे कि पति को बीच सड़क पर काट डाला, क्या बिगड़ा मेरा। अगर केस नहीं उठाई तो तेरा भी राम नाम सत्य। सोच लो, तेरा और तेरे बच्चों की जीने की कीमत है केवल तेरा एक सिग्नेचर।
दिल दहला देने वाली इस वारदात के संबंध में बडे भाई राजू राय ने नामकुम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दर्ज प्राथमिकी में विनोद सिंह, देवानंद सिंह, राजू सिंह, कैलाश सिंह, दीपक सिंह, राहुल सिंह, रवीन्दऱ सिंह, रोहन सिंह और वीर यादव नामजद अभियुक्त बनाये गये थे। इनमें कैलाश सिंह यादव को जमानत मिल चुकी है, जबकी दीपक सिंह अभी जेल में है।
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