भागे-भागे आये मधुबनी से पिता, रो बिलख रही मां
रांची : नामकुम के दबंग जमीन कारोबारी मुकेश झा को गोली मारने का सूत्रधार नीरज कुमार रहस्यमय ढंग से गायब है। बेटे के गायब होने की खबर मिलते ही पिता श्रेष्ठ नारायण झा भागे-भागे मधुबनी से रांची पहुंचे। वहीं मां का हाल बेहाल है। गुनू नाम के एक लड़के ने पुलिस को बताया कि 24 जनवरी की रात साढ़े आठ बजे सदाबहार चौक नामकुम के पास उसे कार से उतार दिया था। वहीं नामकुम पुलिस ने उनके पिता को बताया कि उनके मोबाइल का अंतिम लोकेशन जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र में मिला। इधर सूत्रों का कहना है कि रहस्यमय ढंग से गायब नीरज ‘सेफ जोन’ में है। नाम उछलने के बाद उसकी जान भी आफत में है।
दबंग मुकेश को बीते साल 19 दिसंबर को दिन के उजाले में गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था। ताबड़तोड़ चली गोलियों से तब अगल-बगल में रहे प्रवीण और रंजीत बंगाली भी घायल हो गये थे। इलाज के बाद तीनों सही सलामत घर लौटे। नामकुम पुलिस के हत्थे चढ़े निखिल कुमार उर्फ गुनू, निशांत सांडवार उर्फ निशु और सौरभ सिंह उर्फ पिंकू ने खुलासा किया कि इस कांड के पीछे का सूत्रधार नीरज कुमार है और इस कांड में पेशेवर शूटरों का इस्तेमाल किया गया।
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इधर श्रेष्ठ नारायण झा ने कोहराम लाइव को बताया कि 30 साल का उनका बेटा 24 जनवरी की रात 9 बजे के बाद से अभी तक संपर्क में नहीं है। उसका तीनों मोबाइल नंबर स्विच ऑफ है। तब वे अपने पैतृक आवास मधुबनी में थे। भागे-भागे रांची आये और 27 तारीख को नामकुम थाने में बेटे की गुमशुदगी के संबंध में रपट दर्ज करायी है। उन्होंने हर संभावित ठिकाने पर अपने बेटे को खोजा, पर अब तक कुछ भी पता नहीं चला। खोजबीन के क्रम में उन्हें जानकारी मिली कि 24 जनवरी को दिन में उनका बेटा रांची एयरपोर्ट के नजदीक हेथू बस्ती में कुछ लोगों के साथ पिकनिक मनाने गया था। उसी रात साढ़े आठ बजे गुनू नाम का एक लड़का कार में नीरज को सदाबहार चौक नामकुम में उतारा और एसयूवी 500 में बैठकर कोजाटोली की ओर चला गया।
इधर रांची पुलिस ने आठ फरवरी को नीरज झा के मां-पिता को दशम फॉल की ओर ले जा कर एक लाश की पहचान करवाई। पुलिस को शक था कि लाश नीरज झा की है। पिता ने लाश की पहचान की और कहा कि यह नीरज नहीं है।
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