खूंखार उग्रवादी संतोष निकला हत्या का सूत्रधार, उगले राज
रांची (रुपम/संजय कपरदार) : करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन से कमलेश बाबा को हटाने के लिए बोली लगायी गयी थी 52 लाख रुपये की। वहीं सूत्र बताते हैं कि बोली 52 नहीं एक करोड़ रुपये की लगायी गई थी। यह सुपारी मिली थी खूंखार उग्रवादी संतोष यादव को। संतोष के इशारे पर ही पेशेवर दो शूटरों ने ठोक डाला था कमलेश बाबा को। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे छुपे राज को खोला है खुद खूंखार संतोष यादव ने। रातू पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर इस कांड का खुलासा किया। रूरल एसपी मो नौशाद ने बताया कि रिमांड पर लिये गये संतोष यादव ने अपने इकबालिया बयान में खुलासा किया है कि पाम रेस्टोरेंट के पीछे वाली बेशकीमती करोड़ों की जमीन कमलेश दुबे उर्फ कमलेश बाबा के लिए जी का जंजाल बन गयी। कमलेश बाबा को इस जमीन से हटने और ज्यादा माथा लगाने को नहीं कहा गया था। सतीश सिंह और विनय कच्छप ने कई बार उन्हें मना किया। इस जमीन पर नागेंद्र प्रसाद सैनी सहित कुछ अन्य सफेदपोश हस्तियों की नजर गड़ी थी। बार-बार समझाने पर भी बाबा जब नहीं माने, तो उनकी मुड़ी की बोली लगा दी गयी। एसपी ने खुलासा किया कि इस हत्याकांड का सूत्रधार संतोष यादव है। संतोष पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप का काफी करीबी है और संगठन में उसका कद भी ऊंचा है।
करीब दो माह पहले रांची और लोहरदगा पुलिस के अथक प्रयास से संतोष पुलिस के हत्थे चढ़ा। कमलेश बाबा की हत्या 30 दिसंबर 2019 की रात तब कर दी गयी थी, जब वे अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। उनका घर रातू थाना क्षेत्र के पिर्रा गांव में है। दो अलग-अलग बाइक पर सवार नकाबपोश शूटरों ने करीब से उन्हें गोली मारी थी। इस कांड का एक चश्मदीद गवाह विराज महतो भी है। गोली लगने के बाद खून से लथपथ बाबा को देवकमल अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। कमलेश बाबा के मारे जाने की खबर फैलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गयी और खूब हायतोबा भी मची। रांची पुलिस के लिए चुनौती बने इस हत्याकांड की तफ्तीश में जिन लोगों के नाम उभर कर सामने आये उनमें से दो सज्जाद अंसारी और लौकी पांडे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। एसपी ने कहा कि हत्याकांड के सूत्रधार संतोष यादव ने कई अहम राज उगले हैं। कई सफेदपोश हस्तियां इस कांड में शामिल हैं। बहुत जल्द उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य-सबूत और गवाह जुटाकर उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जायेगा।
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