एक अधिकारी की बेटी की निकली चीख… 175 दिन में आया फैसला, मिली उम्र कैद

Date:

spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

रांची (रुपम / श्रद्धा छेत्री) : सदर थानेदार अपने कक्ष में बैठे कुर्सी पर झूल रहे हैं। रात के ठीक 10 बजे उनका मोबाइल बज उठता है। फोन रिसीव करते ही उधर से आती है आवाज। आर यू सदर ओसी? जवाब मिला- जी हां, बोलिए। उधर से जो कुछ बोला गया, उसे सुन थानेदार कुर्सी छोड़ खड़े हो गये। उफ… यह क्या बोल रहे हैं। कहां हैं आप। आप वहीं रहें, मैं तुरंत आता हूं।

थानेदार उठते हैं, मुंशी से स्टेशन डायरी मंगाते हैं, मिली सूचना को उसमें लिखते हैं और फिर उठाते हैं मोबाइल और अपने दो बड़े अधिकारियों से बातें करते हैं। कहते हैं, सर लौट कर आते हैं तो बताते हैं विस्तार से। उधर से आवाज आती है-क्या कहा तुमने। अधिकारी की बेटी। तुरंत जाओ, बयान लेकर आओ और फौरी होनी चाहिए कार्रवाई। जो भी जिम्मेदार है, उसे 24 घंटे के अंदर खोज निकालो। ध्यान रहे, एक अधिकारी से जुड़ा मामला बता रहे हो। वायरल नहीं होना चाहिए यह वारदात। चुपके से ऐसी कार्रवाई करो ताकि दोबारा कोई ऐसा सोच भी नहीं सके। हां सुनो, एक महिला अफसर को ले जाना मत भूलना। ख्याल रहे, पीड़िता का बयान वही ले।

थानेदार अपने कुछ सहयोगियों के साथ पहुंचता है बूटी मोड़। बताये गये स्थान पर पहुंचने पर उसे मिलती है जींस टॉप पहनी एक लड़की और पास में खड़ा उसका पिता। थानेदार को देखते ही चीख पड़ता है अधिकारी पिता। कहता है, देखो और शर्म करो, कैसे एक खिलते फूल को समय से पहले ही हैवानों ने मसल डाला। एक दिन का समय देता हूं। उन हरामजादों को खोज निकालो, वरना मैं अगर निकल गया खोजने, तो जो होगा तुम सोचे नहीं होगे।

उसी समय वहां पहुंचती है एक महिला थाना की तत्कालीन थानेदार, जिसका नाम है विद्यावासिनी कुमारी सिन्हा। सबसे पहले पीड़िता को पास के ही एक अस्पताल में ले जाया गया। वहां से लाया जाता है पास के ही एक खटाल में। सबसे पहले बगल में खड़े पिता से आग्रह किया जाता है थोड़ी देर वहां से हट जाने को। प्लीज सर, नहीं तो सबकुछ नहीं बता पायेगी बिटिया।

लगभग पांच फुट दो इंच की बेटी चेहरा छुपाये, गुमसुम बैठी रो रही है। दर्द से कराह रही है। मुख से सिर्फ इतना ही निकलता है, सॉरी मॉम, सॉरी डैड। यह मेरी ही भूल थी कि बिना सोचे-समझे निकल पड़ी दोस्त के साथ शूटिंग और फोटोग्राफ के लिए। आइ नेवर रियलाइज्ड, दिस कुड हैपन विथ मी। पिता एक किनारे खड़े दीवार पर मुक्का मार रहे थे। महिला थानेदार लड़की की पीठ सहलाती है, माथा सहलाती है और हौले से पूछती है। बोलो क्या हुआ था तुम्हारे साथ। लड़की सिसकियां भरती है और बोलना शुरू करती है। मॉम डैड फिल्म देखने गये थे। मैं घर में अकेली थी। उसी शाम मेरे दोस्त विनित (बदला हुआ नाम) का फोन आया। उसने जब जाना कि मैं अकेली हूं तो उसने कहा कि चलो हमलोग भी चलते हैं बरियातू पहाड़। वहां कुछ बातें करेंगे और फोटो सेशन करेंगे। उसने कई बार मना किया, लेकिन विनित जिद पर अड़ा रहा। मनाता रहा। प्लीज मान भी जाओ। मॉम डैड के आने से पहले तुम रहोगी अपने घर में। स्कूटी से पहुंच जाओ मेडिका अस्पताल से बाहर। मैं वहीं तुम्हारा इंतजार करता हूं। उस समय शाम के साढ़े पांच बज रहे थे। दिन था 31 अगस्त 2019। वह वहां पहुंचती है जहां उसे विनित मिलता। दोनों स्कूटी से पहुंचते है बरियातू फायरिग पहाड़। ठीक 6.40 बज रहे थे। मोबाइल पर लड़की समय देखती है। बोलती है ज्यादा देर तक नहीं रुकूंगी। जो बोलना है बोलो। वहां 20-25 के दायरे में फैली हुई है घास। वहीं दोनों दोस्त एक जगह बैठते हैं। फोटो सेशन शुरू होता है। अचानक तभी वहां दो लड़के पहुंचते हैं। एक का हुलिया है मोटा, नाटा और थुलथुल। दूसरे का हुलिया है हल्की दाढ़ी बाल काले और घुंघराले। दोनों खुद को पुलिस बताते हुए दोनों को वहां से सुनसान स्थान पर ले जाते हैं। उन्हें डराया-धमकाया जाता है कि देखो, नीचे हमारे 20-25 आदमी खड़े हैं। अगर चीखी चिल्लायी तो पहाड़ से नीचे फेंक मार देंगे। लड़की डर जाती है। उसके दोस्त को एक बदमाश खींच कर किनारे ले जाता है। दूसरा उसे वहीं खींच कर घास पर लिटा देता है और लूट लेता है उसकी आबरू। थोड़ी देर के बाद दूसरा बदमाश आता है और वह भी वही दोहराता है।

गैंगरेप के बाद एक बदमाश उसके दोस्त को कहता है कि जिस रास्ते से आये हो उस रास्ते से मत जाना, वरना नीचे खड़े लोग मार डालेंगे। दूसरा रास्ता पकड़ कर खिसक लो। वहीं पीड़िता की बांह थामे एक बदमाश पहाड़ से उतारता है और अपनी अपाचे बाइक पर बैठाता है और कुछ दूर ले जाकर फिर पीड़िता से रेप करता है।  पीड़िता से बोलता है जब तक किसी का कॉल नहीं आता है यहीं चुपचाप खड़ी रहो। थोड़ी देर में दूसरा बदमाश भी वहां पहुंचता है। वह पीड़िता को मेन रोड पर ले जाकर छोड़ देता है। पीड़िता वहीं से सबसे पहले अपने पिता को फोन करती है और पूरी घटना बताती है। इस पूरे घटनाक्रम में पीड़िता अपाचे का नंबर देख उसे अपने दिमाग में नोट कर लेती है। नंबर था-JH01-CY4938. पीड़िता को महिला थानेदार और सब इंस्पेक्टर बीरेंद्र कुमार के साथ भेजा जाता है सदर अस्पताल। सदर अस्पताल में डॉ स्वाति चैतन्य पीड़िता की मेडिकल जांच करती हैं और अपनी रिपोर्ट में लिखती हैं- सेक्सुअल असॉल्ट कैननॉट बी रूल्ड आउट।

वहीं इस रिपोर्ट में इस बात की भी पुष्टि की गयी है कि वारदात की रात साढ़े सात बजे दो लोगों ने यौनचार किया। इसके बाद पीड़िता का कोर्ट में धारा-164 और 161 के तहत बयान भी कलमबंद कराया गया। इससे पहले सदर थाना में पीड़िता और उसके पिता के बयान के आधार पर (U/S 376(D) और (US 4, 6, 8 & 10 of POCSO ACT) के तहत मामला दर्ज किया गया। कांड के अनुसंधानकर्ता खुद थानेदार बंकटेश कुमार बने। सबसे पहले अपाचे के मिले नंबर के आधार पर पुलिस ने उसके मालिक खुर्शीद को उठाया। पूछताछ में वह टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार खुर्शीद की निशानदेही पर दूसरा कुकर्मी सरफराज को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने भी अपना जुर्म कबूल कर लिया। दोनों बड़गाईं के रहने वाले हैं।

दोनों कुकर्मियों के खिलाफ आईओ बंकटेश कुमार ने स्पेशल जज पोक्सो कशिका एम प्रसाद की अदालत में 18 नवंबर 2019 को चार्ज फ्रेम किया। केस की सुनवाई में बहस के दौरान पीड़िता की ओर से कुल 12 गवाहों और 28 प्रदर्श और साक्ष्य प्रस्तुत किये गये, वहीं बचाव पक्ष की ओर से 4 गवाह प्रस्तुत किये गये। पीड़िता की तरफ से गवाहों में खुद पीड़िता, उसके पिता, उसके दोस्त, मेडिकल जांच करने वाली डॉक्टर, स्कूल का प्रिंसिपल और इस कांड के आईओ शामिल थे। 10 जनवरी, 2020 को अदालत में मुख्य अभियुक्तों ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि उन्हें फंसाया गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों को गुनहगार मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी। झारखंड में संभवतः पहली बार दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के मामले में 175 दिन के अंदर सुनवाई पूरी कर ली गयी और आरोपियों को सजा सुना दी। दोनों मुजरिमों को उम्र कैद के अलावा 25-25 हजार के जुर्माने की भी सजा दी गयी। ऐसे गुनहगारों के खिलाफ गवाह और साक्ष्य जुटाकर 175 दिन के अंदर अदालत में चार्जशीट दाखिल करने वाली रांची पुलिस और उम्र कैद की सजा देने वाली स्पेशल जज कशिका एम प्रसाद को सैल्यूट।

वीडियो अंत तक देखें जरूर… क्या कह गये थानेदार

इसे भी पढ़ें : दबंग जमीन कारोबारी को गोली मारने का सूत्रधार गायब 

इसे भी पढ़ें : 52 लाख की बोली के बाद टपका दिये गये थे कमलेश बाबा

इसे भी पढ़ें : शराब-कबाब का चक्कर… देखें कैसे दोस्त बन गये कातिल

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

अवैध कोयला लदा 407 जब्त…

Ranchi(Kuldeep Tiwari) : रांची से सटे ओरमांझी में अवैध...

रांची में ब्राउन शुगर का बड़ा खेल बेनकाब…

Ranchi : राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित...

अजय राय बोले, ट्रांसफर के बाद भी ‘पुराना असर’ कायम…

Ranchi : झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष...

सोशल मीडिया पर DSP से हुआ प्यार, फिर कर दिया भरोसे का खू’न…

Ranchi : फेसबुक और इंस्टाग्राम पर झारखंड पुलिस के...

70 लाख से ज्यादा ‘अनमैप्ड’ मतदाता रडार पर, भरना होगा इन्यूमरेशन फॉर्म…

Ranchi : राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि...