Chouparan : हर मां-बाप की जिंदगी में कुछ पल ऐसे आते हैं, जो बरसों की मेहनत, संघर्ष और सपनों को एक साथ साकार कर देते हैं। ऐसा ही भावुक और गौरवपूर्ण नजारा उस समय देखने को मिला, जब चौपारण प्रखंड की चैयखुर्द पंचायत अंतर्गत चयकलां गांव के युवा मो. अयाज भारतीय सेना का प्रशिक्षण पूरा कर पहली बार वर्दी में अपने गांव लौटे। जैसे ही सेना की वर्दी पहने अयाज गांव पहुंचे, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। रेलवे प्लेटफॉर्म से लेकर गांव की गलियों तक उनका जोरदार स्वागत किया गया। परिजनों, दोस्तों और ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। हर कोई अपने गांव के इस बेटे को सेना की वर्दी में देखकर गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
बेटे को वर्दी में देख छलक पड़े माता-पिता के जज्बात
मो. अयाज के पिता मो. आगाज और परिवार के अन्य सदस्य रेलवे स्टेशन पर ही उनके स्वागत के लिये पहुंच गये थे। बेटे को फौजी वर्दी में सामने देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी, गर्व और वर्षों के संघर्ष की चमक साफ झलक रही थी। भावुक पिता ने कहा कि उनके परिवार में यह पहली सरकारी नौकरी है। उन्होंने बताया कि बेटे को देश की सेवा करते हुये देखने का सपना आज पूरा हो गया। यह केवल उनके परिवार की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे चयकलां गांव का सम्मान है।
गांव में बना उत्सव जैसा माहौल
अयाज के स्वागत को लेकर गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। युवाओं ने फूल-मालायें पहनाकर उनका अभिनंदन किया, जबकि बुजुर्गों ने आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कई लोगों ने इस खास पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। ग्रामीणों का कहना था कि गांव का एक बेटा देश की सीमाओं की रक्षा के लिये तैयार हुआ है, इससे बड़ी खुशी और गर्व की बात क्या हो सकती है। चयकलां पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मौलाना हेलाल अख्तर ने मो. अयाज को भारतीय सेना में चयन और प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कठिन परिश्रम, अनुशासन और देश सेवा के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम है। अयाज ने न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे पंचायत और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, वतन की रक्षा के इस गौरवपूर्ण सफर के लिये मो. अयाज और उनके पूरे परिवार को हार्दिक बधाई। हमें विश्वास है कि वह देश सेवा के इस दायित्व को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभायेंगे।
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