- राज्य सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति जताया आभार
RANCHI : पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर CM Hemant Soren के प्रति बुधवार को झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ ने आभार प्रकट समारोह का आयोजन किया। CM Hemant Soren का हार्दिक अभिनंदन करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर CM Hemant Soren ने अपने संबोधन में कहा कि लंबे समय से पुरानी पेंशन की मांग सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के सरकारी कर्मियों द्वारा उठाई जा रही है। राज्य सरकार ने झारखंड के सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना की सौगात दी है। पेंशन बुढ़ापे का सहारा माना जाता है। कुछ कारणों से आप सरकारी कर्मियों से पेंशन रूपी सहारे की लाठी को छीन लिया गया था, परंतु हमारी सरकार ने आपको उस लाठी को देने का काम किया है। सीएम ने कहा कि सरकारी नौकरी में आने के बाद कर्मियों की कुछ चीजों के प्रति आशाएं और उम्मीदें होती हैं। आपकी आकांक्षाओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें, इसके लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
पुरानी पेंशन बहाल होने की जितनी खुशी आपको, उतनी ही खुशी हमें भी हुई
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में मानव बल की रिक्तियों को भरने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। ऐसा देखा गया था कि पिछले कुछ वर्षों में कई सरकारी दफ्तरों में मात्र 10% से लेकर 15% मानव बल ही कार्यरत हैं। प्रशासनिक सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा एक कमिटी भी बनाई गई थी, जिसकी रिपोर्ट राज्य सरकार के पास आ चुकी है। राज्य सरकार काम करने के डेली रूटीन के अनुभव के आधार पर भी कई निर्णय ले रही है। पुरानी पेंशन योजना बहाल होने पर जितनी खुशी आप सरकारी कर्मियों को हुई है, उतनी ही खुशी मुझे भी हुई है।
विभाग में फाइलों को रुकने न दें
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के मुखिया के रूप में आज हम हैं, कल कोई दूसरा, परसों कोई और हो सकता है। सत्ता आती-जाती रहती है, परंतु मेरा मानना है कि व्यवस्थाएं सुदृढ़ और बेहतर होनी चाहिए। आप सभी कर्मी निर्भीक और ऊंचे मनोबल के साथ काम करें। इसके लिए हमारी सरकार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार ऐसी शिकायतें आती हैं कि दफ्तरों में फाइलें उलझ कर रुक जाती हैं। आप सभी सरकारी सेवक इस बात का ख्याल रखें कि बेवजह फाइलों के मूवमेंट में देर न हो, ताकि फाइल मूवमेंट से जुड़ी शिकायतें न मिलें। आप अपने जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी पूर्वक करें।
अच्छी कार्यशैली को अपनाने का काम करें
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आईएएस, आईपीएस या किसी भी पदाधिकारी पर कोई बंदिशें नहीं डालती है। जो काम जनहित के लिए हो और सही हो, उसे आप जरूर करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के दृष्टिकोण से देश में कई राज्य तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। झारखंड के पदाधिकारी भी उन राज्यों का परिभ्रमण कर अच्छी कार्यशैली को अपनाने अथवा अनुसरण करने का काम करें। पर सकारात्मक विचार किया जाएगा।
दृढ़ इच्छाशक्ति से सारी चीजें व्यवस्थित होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार आईएएस-आईपीएस को ठहरने के लिए सर्किट हाउस इत्यादि की व्यवस्था की जाती है, उसी प्रकार जिला तथा प्रखंड स्तर में पदस्थापित पदाधिकारियों को भी रहने की व्यवस्था राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। राज्य में वैसे पदाधिकारी जो बेहतर शिक्षा के लिए आगे और पढ़ाई करना चाहते हैं, वैसे पदाधिकारियों को शिक्षा ग्रहण करने की अवधि तक का वेतन तथा शिक्षा ग्रहण करने हेतु आर्थिक सहायता राशि भी देगी। इस राज्य में कोई कमी नहीं है। दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो सारी चीजें व्यवस्थित हो सकती हैं। पदाधिकारी राज्य में सर्वजन पेंशन योजना के दायरे में आने वाले पात्र लोगों को जोड़ने का काम करें। आप सभी पदाधिकारी लक्ष्य निर्धारित करें कि कोई एक भी पात्र लाभुक सर्वजन पेंशन योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इनकी रही मौजूदगी
इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष राम कुमार सिन्हा, सचिव बालकिशुन मुंडा एवं बड़ी संख्या में झारखंड प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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