Hazaribagh(Krishna Paswan) : हजारीबाग के चौपारण प्रखंड से करीब 20 किलोमीटर दूर रामपुर पंचायत में बुधवार को गांव की चौपाल कुछ अलग ही नजर आई। यहां लोगों को उनके अधिकारों, कानून और समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया गया। National Legal Services Authority और Jharkhand State Legal Services Authority के निर्देश पर आयोजित 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण, खासकर महिलायें शामिल हुईं। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि प्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
ग्रामीणों को बताया गया 1930 हेल्पलाइन का महत्व
कार्यक्रम में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी को लेकर लोगों को विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल और इंटरनेट जितने जरूरी हो गये हैं, उतना ही जरूरी सतर्क रहना भी है। ग्रामीणों को बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करायी जा सकती है। लोगों को फर्जी कॉल, ओटीपी शेयर करने और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीके भी समझाये गये।
बाल विवाह, डायन प्रथा और नशाखोरी के खिलाफ उठी आवाज
अभियान के दौरान बाल विवाह निषेध कानून, डायन प्रथा, घरेलू हिंसा और नशा मुक्ति अभियान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज में फैली इन कुरीतियों को खत्म करने के लिये सिर्फ कानून नहीं, बल्कि लोगों की जागरूकता भी जरूरी है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे बाल विवाह, नशाखोरी और महिलाओं के उत्पीड़न जैसी घटनाओं के खिलाफ खुलकर आवाज उठायें।
लोक अदालत को बताया आसान न्याय का रास्ता
कार्यक्रम में लोक अदालत की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। लोगों को बताया गया कि आपसी सहमति से मामलों का त्वरित समाधान लोक अदालत के माध्यम से संभव है। इससे न सिर्फ समय की बचत होती है, बल्कि लोगों को लंबी कानूनी प्रक्रिया और खर्च से भी राहत मिलती है। महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत मिलने वाले कानूनी अधिकारों और सुरक्षा प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
गांव की महिलाओं ने कहा ये जरूरी हैं
कार्यक्रम को सफल बनाने में PLV अश्मिता कुमारी, रेखा देवी, नवीन कुमार, रेहाना खातून और हरेंद्र राणा की अहम भूमिका रही। मौके पर वैजंती देवी, कुंती देवी, मालती कुमारी, रकीदा खातून, आरती कुमारी, पूनम देवी, मंजू देवी, सुलेखा देवी, बेबी देवी, वंदना कुमारी और मनीष कुमार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव-गांव में इस तरह के जागरूकता अभियान होने चाहिये, ताकि लोग अपने अधिकारों और कानून की जानकारी लेकर समाज को बेहतर बना सकें।
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