Ranchi : सुबह की चाय से लेकर रात की थाली तक, अब हर निवाले में महंगाई का स्वाद घुलने लगा है। पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने अब सीधे आम आदमी की रसोई पर हमला बोल दिया है। माल ढुलाई महंगी हुई तो बाजार में रोजमर्रा के इस्तेमाल वाले सामानों के दाम भी धीरे-धीरे आसमान छूने लगे हैं। गांव हो या शहर हर घर की रसोई में चिंता की आंच तेज हो चुकी है। सबसे ज्यादा असर उन गृहिणियों पर पड़ रहा है, जो महीने भर का बजट संभालते-संभालते अब खुद परेशान हो उठी हैं।
पहले 5 हजार में भर जाती थी रसोई, अब 6500 भी कम
घरेलू महिला नीतू सिंह की आवाज में दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं। एक महीने पहले तक करीब 5000 रुपये में महीने भर का राशन आराम से आ जाता था, लेकिन अब वही सामान खरीदने में करीब 6500 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। नीतू सिंह कहती हैं, महंगाई ने घर का पूरा हिसाब बिगाड़ दिया है। खर्च बढ़ रहा है, लेकिन आमदनी वहीं की वहीं है।
तेल से दाल तक, हर चीज ने बढ़ाई चिंता
बाजार में खाद्य तेल, दाल, चावल, मसाले और किराना सामानों की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है। सरसों तेल के दाम में करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, वहीं, रिफाइंड तेल भी महंगा हो गया है। दाल और चावल की कीमतों में भी 5 से 10 रुपये तक का उछाल देखा जा रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ गया है। यही वजह है कि थोक बाजार से लेकर खुदरा बाजार तक कीमतें बढ़ रही हैं।
अब जरूरतें भी सोच-समझकर
गृहिणी रीमा देवी बताती हैं कि पहले करीब 10 हजार रुपये में पूरे महीने का राशन आराम से आ जाता था, लेकिन अब वही सामान खरीदने में लगभग 13 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं। वहीं किरण देवी कहती हैं कि घर चलाना अब दिन-प्रतिदिन मुश्किल होता जा रहा है। आमदनी नहीं बढ़ रही, लेकिन बाजार हर दिन महंगा हो रहा है। रेखा देवी ने भी अपनी चिंता जाहिर करते हुये कहा कि अब कई चीजों का इस्तेमाल कम करना पड़ रहा है। पहले जितनी मात्रा में सामान खरीदते थे, अब उतना लेना संभव नहीं हो पा रहा।
व्यापारियों ने जताई चिंता
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर जल्द नियंत्रण नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं और महंगी हो सकती हैं। महंगाई की यह मार अब सिर्फ बाजार तक सीमित नहीं रही, यह हर घर की रसोई, हर मां की चिंता और हर मध्यमवर्गीय परिवार की बेचैनी बन चुकी है।
इसे भी पढ़ें : CM बोले, गांव मजबूत होगा तो झारखंड आगे बढ़ेगा….
इसे भी पढ़ें : 5 घंटे में पटना, CM सम्राट का नया प्लान…
इसे भी पढ़ें : रांची में घर छोड़ निकले भाई-बहन, 48 घंटे बाद यहां मिले… जानें
इसे भी पढ़ें : 80 करोड़ लोगों के लिए केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला…
इसे भी पढ़ें : पूर्व CM के यहां ED ने दी दबिश…






