रांची (पवन ठाकुर/सत्य शरण मिश्र) : जिस तौर तरीके और अंदाज से नेवी जवान सूरज कुमार दुबे को जिंदा जला कर मौत के घाट उतारा गया यह रेयर ऑफ रेयरेस्ट है। रूह को कंपकंपा देने वाली मौत सूरज को दी गई। आमतौर पर ऐसी हत्या के पीछे छुपे रहस्य जब कभी बेनकाब होते हैं उसका कारण जर, जोरू और जमीन ही बनकर सामने आता है। वहीं सूरज के पिता मिथिलेश दुबे ने भी यही संकेत दिया है और कहा है कि लेनदेन के कारण ही उनके बेटे को इस कदर बेरहमी से मारा गया। अपने बेटे की हत्या में उन्होंने धर्मेंद्र नामक एक युवक को भी जिम्मेदार ठहराया है। अगर उनके दावा में दम है तो मतलब साफ है सूरज की हत्या की पृष्ठभूमि की कहानी पलामू से ही शुरू होती है।
प्रथम दृष्टया चेन्नई पुलिस ने कहां है कि बतौर फिरौती 10 लाख रुपये नहीं मिलने के कारण नेवी सैनिक सूरज कुमार दुबे की हत्या कर दी गई। हालांकि अब तक आधिकारिक तौर पर किसी भी पुलिस अधिकारी ने इस तरह का बयान जारी नहीं किया है। जिस तरह का दुस्साहस और खतरनाक घटनाक्रम उभरकर सामने आया है, ऐसी जल्दबाजी पेशेवर अपहर्ता नहीं दिखाते। उनका तौर तरीका बिल्कुल अलग होता है। रैनशम फॉर किडनैपिंग के मामले में पेशेवर अपराधी पहले अपहृत परिवार को हर स्तर से अलग-अलग फोन नंबर से समय और जगह बदल-बदल कर पहले डराते धमकाते हैं। उसका मकसद केवल फिरौती वसूलना होता है। जब कोई रास्ता नहीं दिखाई देता है, तभी अंतिम परिणति खतरनाक रूप से सामने आती है। वहीं पूरे मामले को पुलिस से दूर रखने की हिदायत भी मिलते रहता है। पर इस कांड में ऐसा है क्या?
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वहीं चेन्नई एयरपोर्ट जैसे हाई सिक्योरिटी जोन से किसी का अगवा कर लेना और उसका नहीं पकड़ा जाना यह और चौंकाता है। चेन्नई एयरपोर्ट के अंदर और बाहर कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। सूरज का कहां, कब और कैसे अपहरण किया गया इसका अब तक खुलासा पुलिस नहीं कर पाई है। सिर्फ सोशल मीडिया और अन्य अखबारों में छपी खबरों से यह बातें उभर कर सामने आई है कि सूरज का अपहरण चेन्नई एयरपोर्ट के बाहर से किया गया। अपहर्ताओं की संख्या तक सामने नहीं आ पाई है। आखिर अब तक सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं खंगाला गया। अगर खंगाला गया तो उसे सार्वजनिक करने में हिचकिचाहट कैसी?
घटनास्थल यानी चेन्नई एयरपोर्ट से लेकर पालघर जंगल तक के सफर के दौरान कहीं भी अपहर्ताओं की गाड़ी की रोक-टोक नहीं होना और चौंका जाता है। रास्ते में भी कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। यह वही पालघर इलाका है जहां साधुओं को जिंदा जलाकर मार डाला गया था। तब भी इस घटना को दबाने का पूरा प्रयास हुआ था। सोशल मीडिया में फुटेज वायरल होने के बाद देशभर में कोहराम मच गया था। इस बार भी कोहराम मचा है, पर हांफ रहे हैं सिर्फ मारे गए सूरज के घरवाले। पिता मिथिलेश का आरोप है कि घटना के बाद से ही चैनपुर थाना पुलिस से लेकर चेन्नई पुलिस तक उदासीन और अनदेखा करती रही। उनका बेटा छुट्टी में अपने घर आया हुआ था। रांची एयरपोर्ट से वह हैदराबाद पहुंचा था। बेटे से उनकी अंतिम बातें हैदराबाद से ही फोन पर हुई थी, इसके बाद बेटे का मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। रहस्यमय ढंग से गायब हो जाने के बाद उन्होंने सबसे पहले इस संबंध में चैनपुर थाना में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। चैनपुर पुलिस ने उनसे कहा कि जहां से आपका बेटा गायब हुआ है, वही जाकर वहां की पुलिस को बताएं। वीडियो में देखिए, दिल दहला देने वाली इस वारदात के बाद मारे गए सूरज के पिता, भाई और चैनपुर थाना प्रभारी क्या बोल गए…..
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