- इमरान सरकार ने बनाया सख्त कानून
- ट्रायल के चार महीने के भीतर रेप (Rape) से जुड़े मामलों का फैसला आएगा
कोहराम लाइव डेस्क: रेप (Rape) के मामलों पर सख्त फैसला करते हुए पाकिस्तान (Pakistan) में इमरान सरकार ने एक नए कानून को स्वीकृति दी है। इसके तहत एक से ज्यादा बार रेप के मामलों के दोषियों यानी सीरियल रेपिस्टों का केमिकल ट्रीटमेंट (Chemical Castration) किया जाएगा। एक और बड़ा फैसला ये किया गया है कि ट्रायल के चार महीने के भीतर रेप (Rape) से जुड़े मामलों का फैसला आएगा और रेप पीड़िता का नाम उजागर करना दंडनीय अपराध होगा।
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रेप के बढ़ते मामले चिंताजनक
पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के लिए रेप की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं। इसे रोकने के लिए ये नया कानून (Anti Rape Law) लेकर आई है। हालांकि विडंबना ये है कि खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर भी यौन शोषण के आरोप लग चुके हैं।
तीन माह पहले इमरान यह आइडिया लेकर आए
करीब तीन महीने पहले ही इमरान खान यह आइडिया लेकर आए थे, जिसे उनके प्रशासन ने अब कानून का रूप देकर अमलीजामा पहनाया है। मंत्रिमंडल में स्वीकृत होने के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने भी इस कानून पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
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रेप पीड़िता का नाम उजागर करना दंडनीय अपराध
इस कानून के तहत रेप की घटना के छह घंटे के भीतर आरोपी की मेडिकल जांच पूरी की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसमें बार-बार रेप की घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों का ब्योरा होगा और ट्रायल के चार महीने के भीतर रेप केस का फैसला आ जाएगा। Chemical Castration का ये कड़ा फैसला इसलिए किया गया है, ताकि रेप के मामलों के इन दोषियों की कामोत्तेजना को खत्म किया जा सके। इसके साथ ही रेप पीड़िता का नाम उजागर करना दंडनीय अपराध होगा।
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क्या है केमिकल ट्रीटमेंट की प्रक्रिया
रासायनिक बधियाकरण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कामोत्तेजना को लगभग खत्म कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में दवाओं के माध्यम से वृषण में शुक्राणु निर्माण के स्तर को कम कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में न तो शरीर के किसी अंग को बाहर निकाला जाता है और न ही बधियाकरण किया जाता है।
इमरान पर 2017 में लगा था यौन शोषण का आरोप
बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर 2017 में उनकी ही पार्टी की एक महिला लॉ मेकर आएशा गुलालाई ने कई बार यौन शोषण करने का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद इमरान खान के समर्थकों ने उस महिला को काफी भला-बुरा कहा था और दबाव बनाकर आएशा गुलालाई को पार्टी से बाहर निकलवा दिया था।
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