Kohramlive : अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI171 ने जैसे ही टेकऑफ किया, पांच मिनट बाद ही सब कुछ बदल गया और तभी रेडियो पर गूंजी एक थरथराती आवाज, “Mayday… Mayday… Mayday…” एक पायलट की पुकार, जो न आसमान सुन सका, न जमीन समझ पाई। क्या होता है ‘Mayday’? क्यों चिल्लाया पायलट? आइये जानें उस चीख का राज, “Mayday” संकट का आखिरी संकेत है, जब जान पर बन आये, जब विमान संकट में हो तब पायलट दुनिया को यही संकेत देता है। तीन बार ये बोला जाता है। रेडियो पर शोर-शराबा, हस्तक्षेप और घबराहट के बीच भी, एक शब्द तीन बार, ताकि जिंदगी की आखिरी उम्मीद कोई सुन ले। 1920 में लंदन के क्रॉडॉन एयरपोर्ट पर रेडियो ऑफिसर फ्रेडरिक स्टैनली मॉकफोर्ड ने फ्रेंच शब्द “m’aider” (Help Me) से जन्म दिया — “Mayday”। Mayday बोलने की वजह यह है कि अगर पायलट अचानक बोले, “इंजन फेल हो गया”, “तेज आग लग गई”, तो प्लेन में तहलका मच सकता है। इसलिए एक संकेत, एक कोडवर्ड, एक सन्नाटा “Mayday”, जिसे समझते हैं सिर्फ वो जो जान बचा सकते हैं।
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