Kohramlive : कभी-कभी कुछ लोग सिर्फ अपनी ड्यूटी नहीं निभाते, बल्कि लोगों के दिलों में ऐसी जगह बना लेते हैं, CCL रजरप्पा प्रोजेक्ट डाकघर के डाक सहायक दिलीप कुमार पूर्वे के प्रमोशन पर उन्हें आज भावभीनी विदाई दी गई। दिलीप कुमार पूर्वे का पदोन्नति होकर उप डाकपाल के पद पर चयन हुआ है। अब वे सौंडाडीह उप डाकघर में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके प्रमोशन की खबर से जहां सौंडाडीह में खुशी का माहौल है, वहीं रजरप्पा का डाक परिवार और स्थानीय ग्रामीण उन्हें विदा करते समय भावुक नजर आये।
ग्रामीणों के लिये ‘अपने बाबू’
रजरप्पा डाकघर में कार्यरत रहने के दौरान दिलीप पूर्वे ने केवल सरकारी कर्मचारी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि लोगों के सुख-दुख के सहभागी बने। सहकर्मी उन्हें बड़े भाई की तरह मानते थे। किसी कर्मचारी की छुट्टी हो या अचानक बढ़ा काम का दबाव, पूर्वे हमेशा मदद के लिये आगे खड़े मिलते थे। नये कर्मचारियों को काम सिखाने में भी वे कभी पीछे नहीं हटे। उनकी सहजता और मिलनसार स्वभाव ने उन्हें पूरे डाक परिवार का प्रिय बना दिया था।
पेंशन से सुकन्या योजना तक
ग्रामीणों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे कर्मी की थी, जो हर व्यक्ति की समस्या को अपनी जिम्मेदारी समझता था। बुजुर्गों की पेंशन, महिलाओं के खाते, सुकन्या समृद्धि योजना या बचत योजनाओं की जानकारी, हर काम में उनकी संवेदनशीलता साफ झलकती थी। गांवों से आने वाली महिलाओं को वे सरल भाषा में योजनाओं की जानकारी देते थे। कई बार किसान खेतों से देर से लौटते तो उनके काम न रुके, इसके लिये वे काउंटर पर अतिरिक्त समय तक बैठे रहते थे। उनका हमेशा यही कहना रहता था,ग्रामीणों की सेवा ही मेरी सबसे बड़ी ड्यूटी है। सहकर्मियों और ग्रामीणों के स्नेह से अभिभूत दिलीप कुमार पूर्वे ने कहा कि रजरप्पा में बिताया गया समय उनके जीवन की अमूल्य पूंजी है। उन्होंने कहा, “रजरप्पा के लोगों ने मुझे जो प्यार और सम्मान दिया है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं इस अपनत्व को कभी नहीं भूल पाऊंगा।”
आयोजित विदाई समारोह में NFPE यूनियन सचिव एवं कुज्जू उप डाकपाल दिलीप कुमार तथा गोला उप डाकपाल पवन कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा, पूर्वे जी ने डाक परिवार को एक सूत्र में बांधा और ग्रामीणों के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई। ऐसे कर्मठ और समर्पित अधिकारी विभाग की असली पूंजी होते हैं। समारोह में रजरप्पा प्रोजेक्ट के उप डाकपाल सुबोध कुमार चौधरी, बाबूलाल महतो, जीवन महतो, सुनीता देवी, मिथिलेश कुमार, मानसी भट्टाचार्जी, अजीत मुर्मू, रोहित, रोहित मुर्मू, वर्षा मुंडा और लालकृष्ण महतो सहित अन्य लोगों ने उन्हें बुके और माला पहनाकर सम्मानित किया।
इसे भी पढ़ें : थाना दिवस में सुनी गई जनता की आवाज…
इसे भी पढ़ें : खेत की परिक्रमा करती गाय ने खींचा सबका ध्यान, उमड़ रही भीड़…
इसे भी पढ़ें : कांग्रेस बोली, HEC पर केवल घोषणायें हुईं, जमीनी काम नहीं…
इसे भी पढ़ें : कोयले की काली सुरंग में समा गईं चार जिंदगियां, रामगढ़ में दर्दनाक हादसा…
इसे भी पढ़ें : गला रेतकर महिला की ह’त्या, पति के फरार होने से गहराया शक…










