Ranchi : झारखंड की औद्योगिक पहचान माने जाने वाले हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) की बदहाल स्थिति को लेकर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने आरोप लगाया कि HEC के पुनरुद्धार के नाम पर संसदीय समिति का गठन तो किया गया, लेकिन उसकी सिफारिशों को लागू करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि HEC को बचाने के लिये गठित संसदीय समिति की रिपोर्ट का आज तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। यदि समिति की अनुशंसाओं को लागू ही नहीं करना था, तो उसके गठन का औचित्य क्या था? उन्होंने इसे HEC कर्मियों और झारखंड की जनता को भ्रमित करने का राजनीतिक प्रयास बताया।
“बारह वर्षों में सिर्फ आश्वासन मिले”
विजय शंकर नायक ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने पिछले कई वर्षों से HEC के पुनर्जीवन को लेकर बड़े-बड़े दावे किये, लेकिन धरातल पर स्थिति लगातार बिगड़ती गई। उन्होंने कहा कि कभी देश की औद्योगिक ताकत का प्रतीक रहा HEC आज वेतन संकट, उत्पादन संकट और अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। उनके अनुसार, हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों का भविष्य अनिश्चितता में है, लेकिन केंद्र सरकार इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियां शुरू से ही सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को कमजोर करने वाली रही हैं। उन्होंने कहा कि HEC को आर्थिक रूप से कमजोर किया गया, नये कार्यादेश नहीं दिये गये, कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिला और पुनरुद्धार की बातें केवल घोषणाओं तक सीमित रहीं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार “मेक इन इंडिया”, “आत्मनिर्भर भारत” और “विकसित भारत” जैसे नारे देती है, वहीं दूसरी ओर देश की भारी इंजीनियरिंग क्षमता के प्रमुख संस्थान HEC को बचाने के लिए इच्छाशक्ति नहीं दिखाती।
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