Ranchi : झारखंड के हर जिले में, जरूरतमंदों की निगाहें अब सिर्फ एक ओर टिकी हैं, राशन कार्ड के दरवाजे पर। देवघर हो या गिरिडीह, रांची हो या दुमका, राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाले ग्रीन कार्ड की आस में हजारों लोगों की सुबहें अब जिला आपूर्ति कार्यालय के बाहर कट रही हैं। सरकार का 20 लाख लाभुकों को जोड़ने का वादा था, वास्तविकता यह है कि अब 89 हजार आवेदन पेंडिंग हैं, वैकेंसी फुल, सिस्टम हॉल्ट और जनता परेशान। 44 हजार से अधिक आवेदन BSO और 45 हजार DSO की लॉगिन में लंबित हैं। देवघर की तस्वीर ये है कि 15 हजार कार्ड बने, 50 हजार लोगों को राहत मिली, लेकिन अब “NO VACANCY” बोर्ड टंग गया है। लोग रोजाना चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया ठप है। देवघर की एक बुजुर्ग महिला का कहना था कि “सरकार ने योजना शुरू की, कार्ड भी मिले, पर अब क्यों रुक गई प्रक्रिया? हम रोज आते हैं, पर हाथ खाली ही लौटते हैं।” वहीं, खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने मीडिया से कहा कि “हमने जो कहा था, वह किया। अब पेंडिंग आवेदनों की समीक्षा होगी। जो सही लाभुक हैं, उन्हें ही लाभ मिलेगा संपन्न लोगों को हटाने के निर्देश दिये हैं। समीक्षा के बाद उचित निर्णय होगा।”
पेंडिंग राशन कार्ड आवेदनों का आंकड़ा (बीएसओ + डीएसओ लॉगिन में)
| जिला | BSO लॉगिन | DSO लॉगिन |
|---|---|---|
| गिरिडीह | 5281 | 8279 |
| धनबाद | 7167 | 5919 |
| कोडरमा | 2305 | 3296 |
| देवघर | 2721 | 1557 |
| रांची | 2483 | 3504 |
| कुल | 44,315 | 44,668 |
इसे भी पढ़ें : झारखंड में पब्लिक प्लेस पर किया ये काम तो लगेगा ₹1000 का जुर्माना











