Garhwa : गढ़वा के केतार थाना क्षेत्र के परती कुशवानी गांव में 17 साल की किशोरी आकृति कुमारी की हत्या का राज खुल गया, जांच से खुलासा हुआ कि जिस पिता को बेटी की सुरक्षा की सबसे बड़ी ढाल माना जाता है, वही उसकी मौत का गुनहगार निकला। बीते 19 मई को गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि निर्मल सिंह के घर से तेज बदबू आ रही है। सूचना मिलते ही केतार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घर के बाहर ताला लगा था। मृतका के भाई अविनाश कुमार सिंह से ताला खुलवाया गया। जैसे ही पुलिस कमरे के अंदर पहुंची, वहां का दृश्य देखकर हर कोई दंग रह गया। जमीन पर 17 साल की आकृति कुमारी का सड़ा-गला शव पड़ा था। शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया गया कि हत्या दो से तीन दिन पहले की गयी थी।
राजस्थान में तय कर दी थी बेटी की शादी
पुलिस जांच में सामने आया कि संदेही गुनहगार पिता निर्मल सिंह राजस्थान में मजदूरी करता था। वहीं उसने अपनी बेटी की शादी राजस्थान के एक युवक से तय कर दी थी। लेकिन आकृति इस शादी के लिये तैयार नहीं थी। वह अपना गांव, अपना घर और अपने लोगों को छोड़कर नहीं जाना चाहती थी। इसी बात को लेकर पिता और बेटी के बीच अक्सर झगड़ा होते रहता था। धीरे-धीरे बात इतनी बिगड़ गई कि पिता ने अपनी ही बेटी को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया।
सो रही बेटी का रस्सी से घोंट दिया गला
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार बाप ने पुलिस को बताया कि घटना वाली रात आकृति घर में सो रही थी। उसी दौरान पिता ने रस्सी से उसका गला घोंट दिया। बेटी की सांसें थमने के बाद उसने घर के बाहर ताला लगाया और फरार हो गया। हत्या के बाद आरोपी सीधे राजस्थान भाग गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन पुलिस लगातार उसके हर कदम पर नजर रखे हुये थी।
तकनीकी जांच ने खोला हत्या का राज
गढ़वा SP आशुतोष शेखर के निर्देश पर SDPO सत्येंद्र नारायण सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टीम बनायी गयी। तकनीकी अनुसंधान के दौरान पुलिस को आरोपी की लोकेशन राजस्थान में मिली। पुलिस को यह भी सूचना मिली कि वह वापस गढ़वा लौटने वाला है। बीते 27 मई को खबर मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश के कोन इलाके से होकर खरौंधी मार्ग के रास्ते नगर ऊंटारी की ओर आ रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने जाल बिछा दिया। बजरमरवा गांव के पास पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस वाहन देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 51 साल के निर्मल सिंह के रूप में हुई। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
एक सप्ताह में खुलासा
हत्या जैसे गंभीर मामले का महज एक सप्ताह के भीतर खुलासा होने पर पुलिस टीम ने लोगों से खूब वाहवाही लूटी। इस कार्रवाई में SDPO सत्येंद्र नारायण सिंह, भवनाथपुर अंचल पुलिस निरीक्षक, केतार के थानेदार अरुण कुमार रवानी, अनुसंधानकर्ता आदित्य ठाकुर, अवर निरीक्षक बदल कुमार साहू और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
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