Bihar : रोहतास की गलियों में इन दिनों एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिस हाथ से कभी सोने के हार और कंगन तौले जाते थे, आज वही हाथ चाय छानते और पकौड़े तलते नजर आ रहे हैं। यह कहानी है वर्षों से सर्राफा कारोबार से जुड़े सच्चिदानंद प्रसाद की, जिनकी पहचान कभी इलाके के बड़े ज्वेलरी कारोबारियों में होती थी। लेकिन अब हालात ऐसे बदले कि उन्हें ज्वेलरी दुकान के साथ सड़क किनारे चाय-पकौड़ी की दुकान खोलनी पड़ी। सच्चिदानंद प्रसाद ने मीडिया को बताया कि पहले उनकी दुकान पर सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी। शादी-विवाह के मौसम में तो बैठने तक की जगह नहीं मिलती थी। लेकिन अब हालात बिल्कुल बदल चुके हैं। दुकान खुलती जरूर है, मगर ग्राहक नहीं आते। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद बाजार में खरीदारी तेजी से घट गई है।
“सोना नहीं बिक रहा तो चूल्हा कैसे जले?”
आवाज में दर्द लिये कारोबारी कहते हैं कि “पहले हम लोगों को रोजगार देते थे, लेकिन अब खुद की हालत ऐसी हो गई है कि खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। मजबूरी में चाय और पकौड़ी की दुकान शुरू करनी पड़ी, ताकि घर का चूल्हा जल सके।” अब उनकी ज्वेलरी दुकान के बाहर ही चाय की केतली चढ़ती है और पकौड़ों की खुशबू उठती है। जो लोग कभी सोना खरीदने आते थे, वे अब उन्हें चाय बेचते देख हैरान रह जाते हैं। सच्चिदानंद प्रसाद ने प्रधानमंत्री की अपील पर सवाल उठाते हुये कहा कि जब दूसरे देश सोना खरीदकर अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत कर रहे हैं, तब भारत में लोगों से सोना खरीद टालने की अपील की जा रही है। उनका कहना है कि सर्राफा कारोबार सिर्फ बड़े व्यापारियों का नहीं, बल्कि हजारों कारीगरों, मजदूरों और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी से जुड़ा है। इस मुद्दे पर अब सियासत भी गर्माने लगी है।
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