Ranchi (Bhawna Thakur) : बेहद आसान तरीके से मुस्कल में फंसा “चूहा”। जब पुलिस के सामने चीचीयाया तो पुलिस को भी यहीं लगा कि वाकई में यह महज एक चूहा है। यह काटता कम और अपने नाम के अनुसार सिर्फ कुतरता, कुरेदता और फुदकता है ज्यादा। फोन पर मालदारों और माफिया तंत्रों को डरा-हड़काकर उनसे उगाही करना उसकी फितरत थी। उसके नाम बिहार और झारखंड के कई थानों में कुल 39 संगीन मामले दर्ज है। बीते 11 फरवरी को पुलिस की चूहादानी में फंसा “चूहा” का असली नाम अवधेश कुमार जायसवाल उर्फ सरदार जी उर्फ बिहारी उर्फ मनोज है। पूछताछ में उसने कई गुनाह कबूल किए। वहीं खुद को उग्रवादी संगठन PLFI के सुप्रीमो दिनेश गोप का दाहिना हाथ बताया। आज से करीब 08 साल पहले आटा चक्की चलाने वाला अवधेश अपना शक्ल सूरत बदल झारखंड के रनिया थाना क्षेत्र के गरई गांव में पहली बार वर्ष 2014 में घुसा। उसका छोटा भाई गणेश, दिनेश गोप के लिए काम करता था। भाई गणेश जेल में था, इस लिहाज से मदद पाने की चाह में पहली बार दिनेश गोप से मिला। ताकि भाई का बेल करा सके। तब उसे 20 हजार रुपए मिले। जेल से निकलते ही भाई गणेश हॉस्पिटल पहुंचा और मर गया। उसकी किडनी खराब थी। घर की माली हालत खराब रहने और बिहार पुलिस में वांटेड होने के कारण उसने PLFI से नाता जोड़ लिया।
दाढ़ी और मूंछें बड़ी-बड़ी कर हुलिया बदलने वाले अवधेश का नाम संगठन में सरदार जी रखा गया। कई ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देने के कारण संगठन में उसका कद बढ़ा और उसे सेंट्रल कमेटी सदस्य बना दिया गया। वहीं झारखंड पुलिस ने उसे जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाले को 2 लाख रुपए देने का ऐलान किया। जब पुलिस उसके पीछे पड़ी, तब वह बिल में जा छुपा। इस कारण संगठन में लोग उसे चूहा बोलने लगे। बिहार के नालंदा जिले का रहने के कारण कुछ लोग उसे बिहारी के नाम से भी बुलाया करते थे। चूहा ने अपने इकबालिया बयान में इस बात का खुलासा किया है कि बिना डराए धमकाए संगठन को प्रतिमाह 1 करोड़ रूपए बतौर रंगदारी मिल जाया करती है। इससे संगठन का अपना खर्चा चलता है। सुप्रीमो दिनेश गोप के पास सबसे उम्दा किस्म का अत्याधुनिक हथियार जर्मन एचके 33 है। वह हमेशा अपने पास 200 जिंदा गोलियों रखता है। एक बरेटा पिस्टल और 50 गोलियां भी उसके पास है। वहीं संगठन के 8 लोगों के पास एके-47 हथियार है। इनमें सबसे ज्यादा खूंखार मार्टिन केरकेट्टा, दुर्गा सिंह, राजेश गोप, रोडे, कर्मा, लाका पाहन और संतोष है। इन सभी के पास एके-47 है। फरारी के क्रम में दस्ता के छोटे बड़े उग्रवादी तेनतरी जंगल, टेमना जंगल, सिदमा जंगल (तीनों पश्चिम सिंहभूम), कोटंगर जंगल और गोहरम्म जंगल (दोनों खूंटी) में छुपा करते हैं। वहीं सुप्रीमो दिनेश गोप ने अकूत संपत्ति अर्जित कर रखी है। उसके कुल 8 स्कूल, दिल्ली में एक होटल और असम में एक चाय बागान है। यह चाय बागान कपिल राणा उर्फ मोटा के नाम से लिया गया है। संगठन के टारगेट में अभी कुछ जमीन कारोबारी और कोयला कारोबारी हैं। संगठन अपना जानी दुश्मन सम्राट गिरोह के सरगना जयनाथ साहू को मानता है। वहीं गैंगस्टर अमन साहू को अपना जिगरी दोस्त मानता है। गिरफ्तार अवधेश जायसवाल उर्फ “चूहा” ने पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी दी है। अगर चूहा के बयान में दम है तो पुलिस बहुत जल्द PLFI की कमर तोड़ने में कामयाब हो सकती है। डीजीपी नीरज सिन्हा के कड़े तेवर के कारण पुलिस को एक नई ऊर्जा और ताकत मिली है। रिजल्ट सामने है। चूहा का बयान तपकरा के सब इंस्पेक्टर सत्यजीत कुमार और मुरहू के सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने साझा तौर पर लिया। गिरफ्तार 2 लाख के इनामी “चूहा” ने जो कुछ कहा, सुनें हू-ब-हू…
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