Bihar : बिहार के सारण के मस्तीचक गांव में उस वक्त उत्साह और उम्मीद का माहौल दिखा, जब अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी पहली बार यहां पहुंचे। गांव की गलियों से लेकर मंदिर परिसर तक लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर किसी की नजर उस मंच पर थी, जहां से बिहार के भविष्य को लेकर बड़े ऐलान होने वाले थे।
आंखों की रोशनी से जुड़ेगा गांव-गांव
मस्तीचक स्थित अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल में अदाणी ग्रुप और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की संयुक्त पहल के तहत “Adani Eye Care Project” की औपचारिक शुरुआत की गई। इस मौके पर अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन प्रीति अदाणी भी मौजूद रहीं। इस परियोजना के तहत Adani Center for Eye Diseases और Adani Training Center for Ophthalmic Sciences
की स्थापना की जायेगी। मकसद साफ है गांव और पिछड़े इलाकों तक सस्ती और आधुनिक नेत्र चिकित्सा पहुंचाना।
अब गांव का गरीब भी देख सकेगा रोशनी का सपना
बताया जा रहा है कि यह परियोजना दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण आई केयर नेटवर्क बनने की दिशा में काम करेगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, ट्रेनिंग सेंटर और आधुनिक तकनीकों के जरिए गांव-गांव तक आंखों का इलाज पहुंचाया जायेगा। सारण के लोगों के बीच इस पहल को लेकर खास उत्साह देखा गया। लोग कह रहे थे कि “अब इलाज के लिये बड़े शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।”
गौतम अदाणी का बड़ा ऐलान
कार्यक्रम के दौरान गौतम अदाणी ने बिहार के लिये बड़ा निवेश ऐलान करते हुये कहा कि आने वाले 2 से 3 वर्षों में राज्य में 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले से पावर और रोड प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है और आगे कई नई योजनाएं भी लाई जायेंगी। गौतम अदाणी ने अपने संबोधन में बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मस्तीचक और गायत्री मंदिर आकर उन्हें गहरी शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अदाणी समूह आने वाले समय में बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है।
स्कूल और कॉलेज पर भी फोकस
गौतम अदाणी ने कहा कि कंपनी शिक्षा क्षेत्र में भी काम करेगी। स्कूल और कॉलेज स्तर पर नई योजनाओं की तैयारी की जा रही है, ताकि बिहार के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें। अदाणी समूह बिहार में पहले से कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा है। पीरपैंती में करीब 26,482 करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट तैयार किया जा रहा है।भागलपुर और सबौर को जोड़ने वाली सड़क परियोजना PPP मॉडल पर बनाई जा रही है, जिसकी लागत करीब 4,450 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मुजफ्फरपुर और किशनगंज में अंबुजा सीमेंट के तहत नई फैक्ट्रियों की मंजूरी मिल चुकी है।
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