Chatra : चतरा के सिमरिया इंटर कॉलेज ने बेलगड्डा गांव की रहने वाली अनाथ प्रीति कुमारी को गोद लेकर उसकी इंटरमीडिएट शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया है। अब अगले दो वर्षों तक प्रीति की पढ़ाई निःशुल्क होगी। कॉलेज उसकी फीस वहन करेगा, वहीं, पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सुविधायें भी उपलब्ध करायेगा। प्रीति कुमारी के पिता स्वर्गीय रविन्द्र लाल हैं। माता-पिता दोनों के निधन के बाद उसकी जिंदगी अचानक संघर्षों से भर गई। घर की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि दसवीं के बाद उसकी पढ़ाई रुकने की आशंका पैदा हो गई थी। परिवार की मुश्किल परिस्थितियों के बीच उसके दादा ने किसी तरह मेहनत कर उसे दसवीं तक पढ़ाया। लेकिन आगे की पढ़ाई के लिये संसाधन जुटाना उनके लिये बेहद कठिन हो रहा था।
जब बेटी खुद पहुंची कॉलेज, सुनाई अपनी कहानी
कॉलेज के प्राचार्य जगदीश राणा ने बताया कि प्रीति खुद कॉलेज पहुंची थी। उसने अपनी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया और आगे पढ़ने की इच्छा जताई। उसकी आंखों में शिक्षा का सपना था, लेकिन जेब खाली थी। हालात कठिन थे, मगर हौसला मजबूत था। छात्रा की लगन, संघर्ष और सीखने की जिद ने कॉलेज परिवार का दिल छू लिया। प्रीति की कहानी सुनने के बाद सिमरिया इंटर कॉलेज परिवार ने एकमत होकर फैसला लिया कि उसकी पढ़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकने दी जायेगी। कॉलेज ने छात्रा को गोद लेते हुये दो वर्षों तक इंटरमीडिएट की पूरी शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। इसके तहत फीस, शैक्षणिक सहयोग और पढ़ाई से जुड़ी अन्य आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जायेंगी।
किताबें और पोशाक देकर बढ़ाया हौसला
मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम में कॉलेज प्रबंधन ने प्रीति कुमारी को पुस्तकें और पोशाक भेंट कीं। इस दौरान शिक्षकों ने भी उसे हरसंभव शैक्षणिक सहयोग देने का भरोसा दिलाया।कॉलेज परिसर में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों ने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुये उसे आगे बढ़ने के लिये प्रेरित किया। प्राचार्य जगदीश राणा ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। किसी भी प्रतिभाशाली छात्र या छात्रा के सपनों को केवल आर्थिक तंगी की वजह से टूटने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिवार की यह पहल केवल एक छात्रा की मदद नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देने का प्रयास है कि अगर संस्थान और समाज चाहें तो किसी भी बच्चे का भविष्य संवार सकते हैं।
छोटी पहल, बड़ा संदेश
आज के दौर में जहां अक्सर नकारात्मक खबरें सुर्खियां बनती हैं, वहीं सिमरिया इंटर कॉलेज की यह पहल उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है। यह सिर्फ एक छात्रा की पढ़ाई का जिम्मा उठाने की कहानी नहीं, बल्कि उन सपनों को बचाने की मिसाल है जो अभावों के कारण दम तोड़ने लगते हैं। प्रीति के चेहरे पर लौटी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि समाज में संवेदनाएं अभी भी जिंदा हैं और शिक्षा के जरिये जिंदगी बदली जा सकती है। इस अवसर पर प्रोफेसर आनंद कुमार सिंह, जय प्रकाश सिंह, ठाकुर विनोद प्रताप, संयुक्ता कुमारी, मुकेश कुमार राणा, अरविंद प्रकाश, प्रकाश कुमार, गंदौरी साव समेत कॉलेज के कई शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी उपस्थित थे।
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