Bihar : बिहार के CM सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और जमीन सर्वेक्षण से जुड़े 27 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने साफ संकेत दिया कि अब बिहार में जमीन रिकॉर्ड से लेकर इलाज और सड़क व्यवस्था तक बड़े बदलाव दिखेंगे।
बिहार में भूमि सर्वे नियमों में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त नियमावली 2012 में संशोधन करते हुये “बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त (संशोधन) नियमावली 2026” को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि इससे जमीन सर्वेक्षण और बंदोबस्ती कार्य ज्यादा पारदर्शी, तेज और सटीक होगा। अब रैयती और अन्य जमीनों का नया खतियान और भू-नक्शा तैयार किया जायेगा, ताकि जमीन विवाद और रिकॉर्ड संबंधी भ्रम कम हो सके।
पुराने नियम हटेंगे, नये प्रावधान जुड़ेंगे
कैबिनेट के मुताबिक सर्वेक्षण के दौरान कई ऐसी समस्याएं सामने आई थीं, जिनके कारण नियमों में बदलाव जरूरी हो गया था। अब नये शब्दों की स्पष्ट परिभाषा तय होगी, अनावश्यक नियम हटेंगे और कई नये प्रावधान जोड़े जायेंगे। सरकार मान रही है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में जमीन रिकॉर्ड पहले से ज्यादा विश्वसनीय बन सकेगा।
अब इलाज के लिये जेब नहीं टटोलनी पड़ेगी
कैबिनेट ने वर्तमान और पूर्व विधायकों, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारियों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत दी है। अब बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने पर कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यानि इलाज के दौरान मरीजों और उनके परिवारों को तत्काल पैसे जमा कराने की परेशानी से राहत मिलेगी।
दूर होगी डॉक्टर शिक्षकों की कमी
सरकार ने सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति नियमावली 2026 को भी मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टर शिक्षकों की कमी दूर होगी और मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर होगी।
1 से 40 बेड वाले अस्पताल अब नियमों के दायरे में
कैबिनेट ने “बिहार लघु एवं मध्यम स्वास्थ्य सेवा प्रतिष्ठान विनियमावली 2026” को भी मंजूरी दी। अब 1 से 40 बेड वाले अस्पताल, क्लीनिक, डिस्पेंसरी और जांच केंद्र भी नियमों के दायरे में आयेंगे। राज्य और जिला स्तर पर पंजीकरण प्राधिकार बनाये जायेंगे और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
3744 करोड़ से चमकेंगी बिहार की सड़कें
बिहार सरकार ने पांच स्टेट हाईवे परियोजनाओं के लिये 3744 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं। इसके अलावा पश्चिमी कोसी सिंचाई योजना के पुनर्स्थापना और आधुनिकीकरण के लिए 606 करोड़ रुपये, झंझारपुर शाखा नहर के पुनर्स्थापना के लिये 218 करोड़ रुपये, निबंधन एवं परामर्श केंद्रों के रखरखाव के लिये 65 करोड़ रुपये एवं Patna Medical College Hospital में स्वतंत्र स्पाइन सब-स्पेशलिटी यूनिट के लिये 39 नये पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है।
सड़क, स्वास्थ्य और जमीन व्यवस्था सुधारने पर फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों को बिहार सरकार की बड़ी प्रशासनिक और विकासात्मक पहल माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से सड़क संपर्क मजबूत होगा, सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी, स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ेंगी और जमीन विवादों में भी कमी आयेगी।
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