Kohramlive : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में लोगों ने गुरुवार की सुबह ऐसा दृश्य देखा, जिसे देखकर कुछ देर के लिये हर कोई ठिठक गया। हुगली नदी के ऊपर अचानक पानी आसमान की ओर उठने लगा। देखते ही देखते नदी के बीचोंबीच दो विशाल घूमते हुये जलस्तंभ बन गये। यह नजारा इतना अद्भुत और डरावना था कि लोगों में एक साथ रोमांच और दहशत दोनों फैल गई। सागर द्वीप के महिषामारी इलाके में दिन में दिखाई दिये इन जुड़वां जल बवंडरों ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी। नदी किनारे मौजूद लोग, मछुआरे और नाविक कुछ पल के लिये समझ ही नहीं पाये कि आखिर हो क्या रहा है।
पहले पानी घूमने लगा, फिर आसमान से जुड़ गया
स्थानीय कुछ लोगों का कहना है कि शुरुआत में नदी के बीच पानी सामान्य से अलग ढंग से घूमता दिखाई दिया। धीरे-धीरे उसका घुमाव तेज होता गया और कुछ ही मिनटों में पानी का एक ऊंचा स्तंभ आसमान की ओर उठता नजर आने लगा। लोग अभी इस दृश्य को समझ ही रहे थे कि थोड़ी दूरी पर दूसरा जलस्तंभ भी बन गया। नदी के ऊपर एक साथ दो घूमते हुये पानी के स्तंभों का दृश्य किसी फिल्मी दृश्य जैसा लग रहा था।
किसी ने बनाया वीडियो, कोई जान बचाने भागा
जैसे ही यह अनोखा नजारा लोगों की नजरों में आया, कई लोग मोबाइल फोन निकालकर वीडियो बनाने लगे। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग डर के कारण सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा दृश्य देखा। नदी किनारे मौजूद मछुआरे भी इस घटना से हैरान रह गये। मछुआरे के अनुसार, अचानक नदी का पानी उफनता हुआ महसूस होने लगा और हवा की रफ्तार भी तेजी से बढ़ गई। स्थिति को भांपते हुये कई छोटी नावों और मछली पकड़ने वाले ट्रॉलरों को तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर मोड़ दिया गया। कुछ नावें तो नदी के बीच से ही वापस घाट की तरफ लौट आईं।
कुछ मिनट बाद बदला मौसम का मिजाज
दोहरे जल बवंडरों का यह दृश्य कुछ मिनटों तक बना रहा। इसके बाद मौसम अचानक बदल गया। आसमान घने बादलों से ढंक गया, तेज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते सागर द्वीप के कई हिस्सों में बारिश और तूफान शुरू हो गया। हालांकि यह स्थिति ज्यादा देर तक नहीं रही, लेकिन कुछ समय के लिये जनजीवन जरूर प्रभावित हुआ। इस घटना को लेकर डायमंड हार्बर विमेंस यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग के प्रोफेसर सुजीत मंडल ने मीडिया को बताया कि इसे आम भाषा में लोग बवंडर या टॉरनेडो कह देते हैं, लेकिन पानी के ऊपर बनने वाली ऐसी घटनाओं को वैज्ञानिक रूप से वॉटरस्पाउट यानी जल बवंडर कहा जाता है। उनके अनुसार गर्मियों के मौसम में समुद्र और नदी के तटीय क्षेत्रों में तापमान, वायुदाब और जलवाष्प के अंतर के कारण कभी-कभी ऐसे जलस्तंभ बन जाते हैं। हालांकि यह घटना दुर्लभ होती है, लेकिन तटीय इलाकों में समय-समय पर ऐसे दृश्य देखने को मिल सकते हैं। घटना के बाद प्रशासन ने नदी और समुद्र से जुड़े लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।![]()
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