Kohramlive : क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है? रात में आंखें बंद हैं, नींद धीरे-धीरे अपने आगोश में ले रही है, तभी अचानक लगता है जैसे आप किसी ऊंचाई से नीचे गिर रहे हैं। अगले ही पल पूरा शरीर एक झटके के साथ उठ जाता है और दिल की धड़कन तेज हो जाती है। अगर ऐसा हुआ है तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह कोई डरावना सपना या बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया है।
इस झटके को क्या कहते हैं?
इस अनुभव को विज्ञान की भाषा में हाइपनिक जर्क (Hypnic Jerk) या स्लीप स्टार्ट (Sleep Start) कहा जाता है। यह उस समय होता है, जब हमारा शरीर जागने की अवस्था से नींद की अवस्था में प्रवेश कर रहा होता है। यानी शरीर सोने की तैयारी कर रहा होता है, लेकिन दिमाग और शरीर के बीच तालमेल में एक पल के लिये बदलाव आता है।
आखिर ऐसा महसूस क्यों होता है कि गिर रहे हैं?
नींद आते ही शरीर में कई बदलाव शुरू हो जाते हैं। मांसपेशियां धीरे-धीरे ढीली पड़ने लगती हैं, सांस की गति और दिल की धड़कन सामान्य रूप से धीमी होने लगती है। कई बार दिमाग इन बदलावों को अचानक महसूस करता है और इसे गलती से शरीर के संतुलन बिगड़ने या गिरने जैसा समझ लेता है। इसके बाद दिमाग शरीर की मांसपेशियों को तुरंत सक्रिय होने का संकेत देता है। नतीजा, शरीर अचानक झटके से हिल जाता है और हमें लगता है कि हम कहीं गिर रहे थे।
इन लोगों में ज्यादा होता है हाइपनिक जर्क
यह अनुभव कुछ स्थितियों में ज्यादा हो सकता है, ज्यादा तनाव या चिंता के समय, चाय, कॉफी या एनर्जी ड्रिंक जैसे कैफीन वाले पदार्थों का अधिक सेवन करने पर, नींद पूरी न होने पर
बहुत ज्यादा थकान या देर रात तक जागने की आदत होने पर। ज्यादातर मामलों में हाइपनिक जर्क पूरी तरह सामान्य प्रक्रिया है। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं माना जाता। दुनिया के बहुत से लोग जीवन में कभी न कभी इस अनुभव से गुजरते हैं। इससे बचने के लिये रोज पर्याप्त और नियमित नींद लेने की कोशिश करें। सोने से पहले चाय, कॉफी और कैफीन वाले पेय कम करें। तनाव कम करने के लिये ध्यान, योग या गहरी सांस लेने का अभ्यास करें। सोने और जागने का समय नियमित रखें।















