Ranchi : रांची के नामकुम में झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी (JSAS) ने इरादों को एक नया नाम दिया, राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना। IPH परिसर में सजी एक खास महफिल, मगर इसमें न सितारे थे, न सियासत के भाषण। यहां वो अधिकारी थे, जिनके हस्ताक्षर हजारों घरों की उम्मीद बन सकते हैं। कार्यशाला में जो हुआ, वो सिर्फ प्रशिक्षण नहीं था, वो विश्वास था। JSAS के कार्यकारी निदेशक अबु इमरान ने बड़ी साफगोई से कहा, “यह योजना पूरी तरह ऑनलाइन है। न लाइन में लगना, न फाइलें टेबल से टेबल घूमेंगी। अब सबकुछ डिजिटल।” वरिष्ठ परामर्शी अंशु कुमार ने संस्थानों को समझाया कि “अगर आप चाहते हैं कि आपके कर्मचारी इस योजना का लाभ लें, तो आपको सहमति देनी होगी और उनका डाटा उस तय प्रारूप में देना होगा, जिसमें सेहत की उम्मीद दर्ज हो सके।” विवेक कुमार नायक ने तो पंजीकरण से लेकर अनुमोदन तक की प्रक्रिया को यूं समझाया जैसे कोई बड़ी जटिलता को कहानी की तरह कह रहा हो। टाटा AIG से मुकेश पराशर, JAP-IT के राजकुमार, और JSAS के कई वरिष्ठ अधिकारी इस क्षण के साक्षी बने, जब झारखंड ने अपने कर्मियों से कहा, “अब आपकी सेहत हमारी प्राथमिकता है।”
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