Ranchi : झारखंड के चर्चित निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हजारीबाग जमीन घोटाला मामले में शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। इसके साथ ही एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद चौबे की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सुनवाई के बाद सशर्त बेल दी। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका था।
विनय चौबे को 20 मई 2025 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गिरफ्तार किया था। उन पर हजारीबाग के DC रहते खासमहल, सेवायत और वनभूमि की कथित अवैध खरीद-बिक्री, फर्जी दस्तावेजों से जमीन की प्रकृति बदलकर निजी लोगों के नाम ट्रांसफर कराने का इल्जाम है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि चौबे देश नहीं छोड़ेंगे, गवाहों से संपर्क नहीं करेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि इस मामले के अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
मामला 2009-10 के कार्यकाल से जुड़ा है। ACB ने इस मामले में 73 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें विनय चौबे के अलावा विनय सिंह, स्निग्धा सिंह, विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार और विजय सिंह समेत कई नाम शामिल हैं। विनय चौबे के खिलाफ शराब घोटाला, आय से अधिक संपत्ति और अन्य मामलों की जांच भी चल रही है। हालांकि, उन मामलों में उन्हें पहले ही अदालतों से राहत मिल चुकी है। ऐसे में अब कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई संभव है।
इसे भी पढ़ें : BJP को बड़ा झटका! राष्ट्रीय प्रवक्ता ने…
इसे भी पढ़ें : IG-DIG को मिल गये बड़े अधिकार, अब तुरंत होगा ये काम…
इसे भी पढ़ें : झारखंड में SIR का बड़ा अपडेट, 14 लाख नाम बाहर, अब…
इसे भी पढ़ें : हजारीबाग में गूंजी गो’लियां! प्रिंस खान गैंग को बड़ा झटका…
इसे भी पढ़ें : भरत भूषण ए’नका’उंटर में गो’ली चलाने का STF जवान अरेस्ट







