New Delhi : प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में राजधानी दिल्ली का माहौल गरमा गया है। सोमवार को प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च से पहले रविवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और विभिन्न संगठनों के लोग जुटे। पूरे दिन धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी और सभाओं का दौर चलता रहा। इसी बीच अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन को लेकर उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करें और संसद के आगामी मानसून सत्र में ‘शिक्षा की जवाबदेही’ का मुद्दा उठाने का स्पष्ट आश्वासन दें, तो वांगचुक सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वांगचुक स्वयं मार्च में शामिल नहीं हो पाये, तो वह उनकी ओर से प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी।
“आंदोलन शांतिपूर्ण रहे”
डॉ. आंग्मो ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से हो। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधियों और शरारती तत्वों से सतर्क रहने को कहा। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक संदेश जारी किया, जिसे जंतर-मंतर के मंच से भी पढ़कर सुनाया गया। अपने संदेश में उन्होंने प्रस्तावित संसद मार्च को “आजादी का दूसरा आंदोलन” बताया और कहा कि यह युवाओं के साथ हो रहे कथित अन्याय तथा डर के खिलाफ संघर्ष है। उन्होंने पेपर लीक को देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुये अधिक से अधिक लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
जंतर-मंतर पर डटे रहे छात्र
रविवार को देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे छात्र देर रात तक जंतर-मंतर पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि बार-बार सामने आने वाली कथित पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार के मार्च में शामिल होने की अपील करते हुये कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने प्रतिभागियों से किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं लाने और केवल तिरंगा, भारत का संविधान तथा महापुरुषों के चित्र के साथ मार्च में शामिल होने का आग्रह किया।
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