spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

अब दुनिया जानेगी झारखंड के हुनर और परंपरा को…जानें कैसे

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Ranchi : झारखंड की मिट्टी में सदियों पुरानी कला, संस्कृति और परंपराओं का भी अनमोल खजाना छिपा है। अब इस खजाने को देश-दुनिया में नई पहचान मिलने लगी है। झारखंड ने भौगोलिक संकेतक (GI) के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुये अपने 11 और पारंपरिक उत्पादों को GI टैग दिलाने में कामयाबी हासिल की है। यह उपलब्धि केवल एक सरकारी प्रक्रिया पूरी होने भर की कहानी नहीं है, बल्कि उन हजारों कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामीण परिवारों के सपनों का सम्मान है, जो पीढ़ियों से अपनी कला और परंपरा को जीवित रखे हुये हैं।

अब दुनिया जानेगी झारखंड की असली पहचान

GI रजिस्ट्री द्वारा हाल ही में जिन 11 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) का दर्जा दिया गया है, उनमें झारखंड की सांस्कृतिक विविधता और लोकजीवन की समृद्ध विरासत झलकती है।इन उत्पादों में कुचाई सिल्क साड़ी एवं वस्त्र, भगैया साड़ी एवं वस्त्र, दुमका चादर, बदोनी पुतुल (कठपुतली), पंछी परहान पंछी साड़ी एवं वस्त्र, झारखंड टसर सिल्क साड़ी एवं वस्त्र, डोकरा क्राफ्ट, आदिवासी आभूषण, बांस शिल्प, केसरिया कलाकंद, बेनाम तथा जादुपटुआ पेंटिंग शामिल हैं। इन सभी उत्पादों का आधिकारिक प्रकाशन जल्द ही किया जायेगा।

पांच साल में बदली तस्वीर, 1 से बढ़कर हुये 12 GI उत्पाद

यह झारखंड के लिये गर्व का क्षण है। वर्ष 2019 तक राज्य के पास केवल एक GI टैग प्राप्त उत्पाद था, सोहराई और खोवर पेंटिंग। लेकिन सरकार और संबंधित संस्थाओं के लगातार प्रयासों का परिणाम है कि अब यह संख्या बढ़कर 12 तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि देश के GI मानचित्र पर झारखंड की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है।

झारक्राफ्ट ने रचा नया इतिहास

इस कामयाबी के पीछे झारक्राफ्ट और मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्ष 2019 से दोनों संस्थाएं लगातार राज्य के पारंपरिक उत्पादों को GI टैग दिलाने की दिशा में काम कर रही हैं। इसी प्रयास का परिणाम है कि झारक्राफ्ट ने एक साथ तीन महत्वपूर्ण उत्पादों, झारखंड टसर सिल्क, आदिवासी आभूषण और बांस शिल्प—को GI पंजीकरण दिलाने में सफलता प्राप्त की है। इससे इन उत्पादों की प्रामाणिकता मजबूत होगी और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उनकी मांग बढ़ने की संभावना है।

GI टैग क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

GI टैग किसी भी उत्पाद की भौगोलिक पहचान और उसकी विशिष्टता का कानूनी प्रमाण होता है। यह बताता है कि किसी विशेष क्षेत्र में बनने वाला उत्पाद अपनी गुणवत्ता, परंपरा या विशेषता के कारण अद्वितीय है। इस मान्यता से कारीगरों और उत्पादकों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य भी मिलता है। झारखंड की GI यात्रा अभी थमी नहीं है। राज्य के कई और पारंपरिक उत्पाद इस सम्मान की प्रतीक्षा में हैं। GI रजिस्ट्री में मांदर, प्यतकर पेंटिंग, निमुचा या करनी शॉल, लाह की चूड़ियां, देवघर पेड़ा, रागी, रुगड़ा, धुस्का, कुसुमी लाहा, साल बीज, महुआ फूल और करंज बीज जैसे उत्पादों के आवेदन पहले ही जमा किये जा चुके हैं। यदि इन्हें भी GI टैग मिल जाता है, तो झारखंड की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को और मजबूती मिलेगी।

मिट्टी की खुशबू अब पहुंचेगी दुनिया के बाजार तक

झारखंड की बुनकर महिलाओं के हाथों से बुनी साड़ियां, आदिवासी कलाकारों की कल्पनाओं से जन्मी कलाकृतियां, धातु और बांस से गढ़े गए शिल्प और पारंपरिक स्वाद से भरपूर स्थानीय उत्पाद अब केवल गांवों और मेलों तक सीमित नहीं रहेंगे। GI टैग के साथ ये उत्पाद दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी अलग पहचान बनायेंगे। यह न सिर्फ राज्य की सांस्कृतिक विरासत की जीत है, बल्कि हजारों कारीगरों और ग्रामीण परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण की नई शुरुआत भी है। झारखंड अब केवल खनिज संपदा की धरती नहीं, बल्कि अपनी कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान की वैश्विक पहचान के रूप में भी उभर रहा है।

इसे भी पढ़ें : रांची हाई अलर्ट पर, सादे लिबास में घूम रहे खुफिया अफसर… जानें क्यों

इसे भी पढ़ें : CM हेमंत सोरेन के विजन ने बदली गांवों की तस्वीर और तकदीर…

इसे भी पढ़ें : चौपारण के दैहर गांव में शोक, ब्रह्मर्षि समाज के तपेदार का नि’धन…

इसे भी पढ़ें : बनारस से रांची आ रही बस मौ’त से टकराई, मची ची’ख-पुकार…

इसे भी पढ़ें : राजधानी रांची में ब्लूप्रिंट तैयार, पुलिस अफसरों को मिले नये टास्क…

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

परियोजना पर ‘ब्रेक’ लगाने की कोशिश नाकाम, पुलिस पहरे में शुरू हुआ काम…

Lohardaga :  लोहरदगा के कुडू में भारतमाला परियोजना के...

NEET री-एग्जाम के लिये ‘वॉर मोड’ में झारखंड, दाग को धोने की तैयारी…

Ranchi : पिछले साल नीट परीक्षा में हुये पेपर...

बदल रही मंगल की चाल, इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद अलर्ट…

Kohramlive : वैदिक ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस,...

TMC के दबंग नेता जहांगीर खान लॉकअप में, छुड़ाने के लिये थाने पर हमला!

Kohramlive : TMC तृणमूल कांग्रेस के दबंग नेता जहांगीर खान...

रांची हाई अलर्ट पर, सादे लिबास में घूम रहे खुफिया अफसर… जानें क्यों

Ranchi : राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्ता के गलियारों...