Kohramlive : वैदिक ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, सेना और नेतृत्व का कारक ग्रह माना जाता है। जब मंगल अपनी चाल बदलते हैं तो उसका प्रभाव केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिलता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 21 जून 2026 को मंगल देव अपनी स्वराशि मेष से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यह गोचर 2 अगस्त 2026 की रात 10.59 बजे तक रहेगा। इसके बाद मंगल मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार यह परिवर्तन सभी राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन वृषभ, धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिये आने वाले 43 दिन विशेष सावधानी बरतने वाले हो सकते हैं। यहां गौर करने वाली बातें यह है कि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां आस्था और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं। इन्हें वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं माना जाता।
वृषभ राशि: गुस्से और जल्दबाजी से बढ़ सकती हैं परेशानियां
मंगल का गोचर सीधे वृषभ राशि में होने के कारण इसका प्रभाव सबसे अधिक इसी राशि के जातकों पर पड़ने की संभावना बताई जा रही है। इस दौरान वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। छोटी-छोटी बातों पर क्रोध बढ़ सकता है, जिससे रिश्तों और कार्यस्थल दोनों पर असर पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य के लिहाज से तनाव और रक्तचाप संबंधी समस्याओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत बताई गई है। ऐसे में योग और ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें। वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें। जल्दबाजी में निवेश या करियर से जुड़े बड़े फैसले लेने से बचें।
धनु राशि: खर्चों पर रखें नियंत्रण
धनु राशि के जातकों के लिये यह समय आर्थिक अनुशासन की परीक्षा ले सकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ने से बजट प्रभावित हो सकता है। व्यवसाय से जुड़े लोगों को अपेक्षित लाभ पाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक मामलों में भी तनाव की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। यात्रा के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। ऐसे में खर्चों की स्पष्ट योजना बनायें। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले विशेषज्ञ की राय लें। महत्वपूर्ण दस्तावेज और कीमती सामान सुरक्षित रखें।
कुंभ राशि: परिवार और संपत्ति मामलों में बरतें सावधानी
कुंभ राशि वालों के लिये मंगल का यह गोचर घरेलू जीवन और संपत्ति से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। परिवार के सदस्यों या जीवनसाथी के साथ विचारों का टकराव बढ़ सकता है। पुराने जमीन-जायदाद संबंधी विवाद दोबारा चर्चा में आ सकते हैं। किसी को बड़ी रकम उधार देने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। नई प्रॉपर्टी खरीदने या बड़े निवेश से जुड़े मामलों में धैर्य रखना बेहतर माना जा रहा है। ऐसे में पारिवारिक बातचीत में संयम रखें। कानूनी या संपत्ति मामलों में दस्तावेजों की जांच करें। भावनाओं में आकर आर्थिक निर्णय न लें।
मंगल के प्रभाव को कम करने के पारंपरिक उपाय
ज्योतिषाचार्य के अनुसार मंगल के प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिये कुछ पारंपरिक उपाय किये जा सकते हैं—
हनुमान चालीसा का पाठ
प्रतिदिन सुबह या शाम श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा का पाठ करें।
वाणी पर संयम
विवादित परिस्थितियों में प्रतिक्रिया देने से पहले सोचें। कई बार मौन सबसे बड़ा समाधान साबित होता है।
मंगलवार को दान
मंगलवार के दिन लाल मसूर की दाल, गुड़ या तांबे से संबंधित वस्तुओं का दान जरूरतमंदों को करना शुभ माना जाता है।
संयम और सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय
ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहों का गोचर जीवन में अवसर और चुनौतियां दोनों लेकर आता है। ऐसे समय में घबराने के बजाय संयम, सकारात्मक सोच और समझदारी से निर्णय लेना अधिक महत्वपूर्ण होता है। आने वाले 43 दिनों में यदि वृषभ, धनु और कुंभ राशि के जातक धैर्य, अनुशासन और सावधानी के साथ आगे बढ़ते हैं, तो संभावित चुनौतियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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