spot_img
spot_img

भारत में विदेशियों के लिये नये नियम, अब देरी हुई तो बढ़ेगी मुश्किल…

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

New Delhi : भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिये अब नियम पहले जैसे नहीं रहेंगे। सरकार ने आव्रजन व्यवस्था को और अधिक मजबूत, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की नई अधिसूचना के बाद अब विदेशी नागरिकों को भारत में 180 दिन पूरे होने का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि उससे पहले ही अनिवार्य पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना होगा। सरकार का मानना है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में देश की सीमाओं और आव्रजन व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ ‘आप्रवासन और विदेशी नागरिक नियम, 2025’ लागू किये गये हैं।

अब नहीं मिलेगी 14 दिनों की अतिरिक्त मोहलत

अब तक व्यवस्था यह थी कि भारत में 180 दिन पूरे होने के बाद विदेशी नागरिकों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिये 14 दिनों का अतिरिक्त समय मिलता था। लेकिन नये नियमों ने इस राहत को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब यदि कोई विदेशी नागरिक 180 दिन या उससे कम अवधि के वीजा पर भारत आया है और आगे प्रवास बढ़ाना चाहता है, तो उसे निर्धारित अवधि खत्म होने से पहले ही आवेदन और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यानी अब “बाद में कर लेंगे” वाला विकल्प नहीं बचेगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि समय-सीमा के बाद रजिस्ट्रेशन की अनुमति सामान्य परिस्थितियों में नहीं मिलेगी। गृह मंत्रालय के अनुसार, केवल बेहद असाधारण और आपातकालीन परिस्थितियों में ही देर से पंजीकरण की अनुमति दी जा सकेगी। यह नियम उन लॉन्ग-टर्म वीजा धारकों पर भी लागू होगा, जिनके वीजा में प्रत्येक यात्रा के दौरान अधिकतम 180 दिन रुकने की शर्त दर्ज है।

बच्चों की नागरिकता को लेकर नियम हुये आसान

नई अधिसूचना में एक मानवीय पहलू को भी ध्यान में रखा गया है। भारत में जन्म लेने वाले उन बच्चों के लिये नियमों को सरल बनाया गया है, जिनके माता-पिता में से एक विदेशी नागरिक है। पहले ऐसे मामलों में जन्म के 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन सूचना देना अनिवार्य था, ताकि बच्चे के लिये वीजा या एग्जिट परमिट की प्रक्रिया पूरी की जा सके। अब यदि माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक है और वे बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाये रखना चाहते हैं, तो 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन सूचना देने की बाध्यता नहीं होगी। हालांकि यदि बच्चा बाद में किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण करता है, तो इसकी सूचना 30 दिनों के भीतर संबंधित FRRO को देनी होगी।

अस्पतालों और नर्सिंग होम पर भी बढ़ी जिम्मेदारी

सरकार ने विदेशी नागरिकों की बेहतर निगरानी के लिये स्वास्थ्य संस्थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण बना दी है। नये नियमों के तहत अस्पताल, नर्सिंग होम और स्वास्थ्य केंद्रों को विदेशी मरीजों से जुड़ी जानकारी के रिकॉर्ड और रिपोर्टिंग को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा।इसका उद्देश्य विदेशी नागरिकों की आवाजाही और उनके ठहराव की सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि डिजिटल निगरानी, बेहतर डेटा प्रबंधन और ओवरस्टे के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिये यह बदलाव जरूरी था। पिछले कुछ वर्षों में विदेशी नागरिकों के प्रवास और वीजा प्रबंधन को लेकर तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। नये नियम उसी दिशा में एक और अहम कदम माने जा रहे हैं।

एक नजर में ये सबकुछ बदला

🔹 180 दिन पूरे होने से पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन।
🔹 14 दिनों की अतिरिक्त मोहलत खत्म।
🔹 देर से आवेदन सिर्फ आपातकालीन मामलों में स्वीकार होगा।
🔹 भारतीय माता-पिता वाले नवजात बच्चों के लिये नियम आसान।
🔹 विदेशी मरीजों की ट्रैकिंग के लिए अस्पतालों पर सख्त रिपोर्टिंग व्यवस्था।
🔹 आव्रजन प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने पर जोर।

इसे भी पढ़ें : झारखंड में पहली बार महिला क्रिकेट का महाकुंभ इस रोज से शुरू…

इसे भी पढ़ें : बेटी की एक तस्वीर देख बाप का खौल गया खू’न, फिर हो गया भयानक कांड…

इसे भी पढ़ें : TMC में ‘महाभारत’ के संकेत! 50 से ज्यादा विधायकों के बगावत के दावे…

इसे भी पढ़ें : अब एयरपोर्ट पर रील बनाना आफत… जानें कैसे

इसे भी पढ़ें : खू’न से लथपथ मिला युवक का श’व, सनसनी…

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

रजरप्पा के ‘अपने बाबू’ की विदाई, भावुक हुआ रजरप्पा डाक परिवार…

Kohramlive : कभी-कभी कुछ लोग सिर्फ अपनी ड्यूटी नहीं...

थाना दिवस में सुनी गई जनता की आवाज…

Hazaribagh : आम लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर...

खेत की परिक्रमा करती गाय ने खींचा सबका ध्यान, उमड़ रही भीड़…

UP : यूपी के श्रावस्ती जिले का एक छोटा...

कांग्रेस बोली, HEC पर केवल घोषणायें हुईं, जमीनी काम नहीं…

Ranchi : झारखंड की औद्योगिक पहचान माने जाने वाले...