Kohramlive : हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाई जाने वाली महावीर जयंती(Mahavir Jayanti) इस बार कल यानी 31 मार्च को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जायेगी। यह दिन जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर(Mahavir Jayanti) के जन्मोत्सव के रूप में विशेष महत्व रखता है। भगवान महावीर का जीवन एक संदेश देता है। सच्चा सुख बाहरी चीजों में नहीं, बल्कि मन, वाणी और कर्मों पर नियंत्रण में है। उन्होंने अहिंसा, सत्य और संयम का मार्ग दिखाकर मानव जीवन को एक उच्च आध्यात्मिक दिशा दी।
महावीर जयंती (Mahavir Jayanti)अहिंसा और सत्य का संदेश
इस दिन श्रद्धालु सुबह प्रभात फेरी निकालते हैं, जहां भजन-कीर्तन के साथ भगवान के संदेशों का गुणगान होता है। जैन मंदिरों में अभिषेक, अष्टप्रकार पूजा और विशेष अनुष्ठान किये जाते हैं। इसके साथ ही दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है। लोग जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और दवाइयां बांटते हैं। कई स्थानों पर भगवान महावीर की प्रतिमा को सजे हुये रथ पर विराजमान कर भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है, जिसमें अहिंसा और प्रेम का संदेश गूंजता है।

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