Ranchi : राजधानी रांची में अब जमीन के नीचे का पानी निकालना इतना आसान नहीं होगा। लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुये रांची नगर निगम ने बोरिंग को लेकर नये नियम लागू कर दिये हैं। अब चार इंच की बोरिंग कराने से पहले भवन मालिकों को नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना होगा। इसके लिये भवन मालिक को 2500 रुपये शुल्क जमा करना होगा। शुल्क जमा होने के बाद ही निगम की ओर से बोरिंग की अनुमति दी जायेगी।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी
नगर निगम ने नई व्यवस्था में एक अहम शर्त भी जोड़ दी है। बोरिंग की अनुमति लेने वाले हर भवन मालिक को अपने परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाना होगा। निगम का मानना है कि भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। बारिश के पानी को संरक्षित कर ही भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है। इसी वजह से अब बोरिंग की अनुमति को जल संरक्षण से जोड़ दिया गया है। यहां याद दिला दे कि एक माह पहले नगर निगम ने बोरिंग मशीन संचालकों के साथ बैठक की थी। उस दौरान NOC के लिये 5000 रुपये शुल्क तय किया गया था। बाद में निगम बोर्ड की बैठक में इसे अधिक बताते हुये शुल्क घटाकर 2500 रुपये कर दिया गया।
बिना NOC बोरिंग कराई तो होगी कार्रवाई
निगम ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति बोरिंग कराना नियमों का उल्लंघन माना जायेगा। बगैर NOC बोरिंग करने वाली मशीन जब्त की जा सकती है। संबंधित भवन मालिक पर जुर्माना भी लगाया जायेगा। निगम क्षेत्र में नियमों का सख्ती से पालन कराया जायेगा।
अब बनेगा बोरिंग का पूरा रिकॉर्ड
नई व्यवस्था से नगर निगम अपने क्षेत्र में होने वाली सभी बोरिंग का रिकॉर्ड तैयार करेगा। एक साल में कितनी नई बोरिंग हुई, इसकी जानकारी मिलेगी। भूजल दोहन पर निगरानी आसान होगी। भविष्य की जल संरक्षण योजनायें बनाने में मदद मिलेगी।
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