Kohramlive : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट और स्वस्थ रहने की चाहत हर किसी की है। बढ़ता वजन, अनियमित खानपान और बदलती जीवनशैली के बीच इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) तेजी से लोगों की पसंद बन रही है। कई लोग इसे वजन घटाने का आसान तरीका मानते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ डाइट नहीं, बल्कि खाने का एक विशेष पैटर्न है, जिसे सही तरीके से अपनाना जरूरी है।
इंटरमिटेंट फास्टिंग में व्यक्ति दिन के कुछ घंटों तक उपवास रखता है और तय समय सीमा के भीतर भोजन करता है। माना जाता है कि इससे शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने, वजन नियंत्रित करने और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिये समान रूप से लाभकारी हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
क्या हैं इसके प्रमुख फायदे?
विशेषज्ञों के अनुसार इंटरमिटेंट फास्टिंग कई लोगों के लिये फायदेमंद साबित हो सकती है। यह वजन कम करने में मदद कर सकती है, शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर बना सकती है और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में सहायक हो सकती है। इसके अलावा कुछ लोगों में ऊर्जा स्तर और फोकस बढ़ने के भी संकेत देखे गये हैं।
हर किसी के लिये नहीं है उपयुक्त
जहां इसके फायदे हैं, वहीं कुछ लोगों को शुरुआत में कमजोरी, थकान, सिरदर्द और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। लंबे समय तक भूखा रहने के बाद अधिक खाने की प्रवृत्ति भी बढ़ सकती है, जिससे इसके लाभ कम हो सकते हैं। इसलिये बिना जानकारी और तैयारी के इसे अपनाना नुकसानदेह साबित हो सकता है।
कैसे करें सही शुरुआत?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुरुआती लोग सीधे लंबी फास्टिंग करने के बजाय 14:10 पैटर्न से शुरुआत करें। शरीर के अनुकूल होने पर 16:8 पैटर्न अपनाया जा सकता है। फास्टिंग के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। बिना चीनी वाली हर्बल टी या ब्लैक कॉफी भी ली जा सकती है।
भोजन की गुणवत्ता पर भी दें ध्यान
इंटरमिटेंट फास्टिंग का असली फायदा तभी मिलता है, जब भोजन संतुलित और पौष्टिक हो। फास्टिंग के बाद जंक फूड, तली-भुनी चीजों और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों से बचना चाहिये। भोजन में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, फल, हरी सब्जियां, दालें और साबुत अनाज शामिल करना बेहतर माना जाता है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग कुछ लोगों के लिये लाभकारी हो सकती है, लेकिन इसे अपनाने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखना चाहिये। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों और नियमित दवा लेने वालों को चिकित्सकीय सलाह के बिना इसे शुरू नहीं करना चाहिये।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य सलाह पर आधारित है। किसी भी नई डाइट या फास्टिंग रूटीन को अपनाने से पहले चिकित्सक या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
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