Koderma : झारखंड के कोडरमा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। डोमचांच प्रखंड के बेहराडीह गांव में प्रेम विवाह का फैसला लेने वाली एक युवती को उसके परिवार ने सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, माता-पिता और परिजनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत उसका प्रतीकात्मक पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी कर दिया।
जानकारी के अनुसार युवती का गांव के ही एक युवक के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों ने अपनी मर्जी से जीवनभर साथ रहने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि युवती का विवाह 20 जून को होना है, लेकिन इस निर्णय से नाराज परिजनों ने उससे पहले ही उससे अपने सभी रिश्ते समाप्त करने का ऐलान कर दिया।
परिवार ने समाज के सामने किया बड़ा ऐलान
ग्रामीणों के मुताबिक, युवती के प्रेम विवाह के फैसले की जानकारी मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों ने कड़ा विरोध जताया। इसके बाद समाज के सामने घोषणा की गई कि अब युवती उनके लिए मृत समान है और भविष्य में उससे किसी प्रकार का संबंध नहीं रखा जायेगा।
परिजनों का कहना है कि युवती के इस कदम से परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और परंपरागत मान्यताओं को ठेस पहुंची है। इसी कारण उन्होंने यह निर्णय लिया।
बराकर नदी तट पर हुआ प्रतीकात्मक श्राद्ध
मिली जानकारी के अनुसार युवती के माता-पिता और अन्य परिजन गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र स्थित राजदाह धाम पहुंचे। वहां बराकर नदी के किनारे धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार बेटी का प्रतीकात्मक पिंडदान और श्राद्ध कर्म संपन्न किया गया।
इस घटना की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग राय व्यक्त कर रहे हैं।
गांव में चर्चा, लोगों की बटीं राय
घटना के बाद बेहराडीह गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। कुछ लोग इसे परिवार और समाज की परंपराओं से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कई लोग इसे एक अत्यधिक भावनात्मक और कठोर प्रतिक्रिया मान रहे हैं।
बदलते दौर और परंपराओं के बीच टकराव
यह घटना ग्रामीण समाज में प्रेम विवाह को लेकर मौजूद चुनौतियों और सामाजिक सोच को भी सामने लाती है। एक ओर युवा अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने की स्वतंत्रता चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर कई परिवार अब भी सामाजिक मान्यताओं और पारंपरिक मूल्यों को प्राथमिकता देते हैं।
फिलहाल, यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों के बीच परंपरा, सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस छिड़ी हुई है।
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