Kohramlive : आज के समय में High Blood Pressure यानी हाइपरटेंशन केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। 20 से 30 साल के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक खराब जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान इसकी बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ब्लड प्रेशर बढ़ने का मतलब है कि नसों में बहने वाले खून का दबाव सामान्य से अधिक हो जाना। जब यह दबाव लंबे समय तक ज्यादा बना रहता है तो दिल समेत शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर इसका असर पड़ सकता है। यही कारण है कि इसे अक्सर “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में बढ़ते हाई बीपी के पीछे मुख्य रूप से खराब लाइफस्टाइल जिम्मेदार है। वहीं, अधिक नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन, धूम्रपान और शराब की आदत, शारीरिक गतिविधियों की कमी, लगातार तनाव में रहना और बढ़ता मोटापा भी कारण है। तनाव के दौरान शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे दिल की धड़कन तेज होती है और रक्तचाप बढ़ जाता है। वहीं अधिक वजन वाले लोगों में हाई बीपी का खतरा लगभग दोगुना हो सकता है। कोहरामलाइव से बातचीत में चिकित्सक डॉ. उमा शंकर वर्मा बताते हैं कि आजकल लोग स्वास्थ्य जांच काफी देर से कराते हैं, जिसके कारण बीमारी का पता समय पर नहीं चल पाता। उन्होंने कहा कि केवल मोटापे को ही कारण मानना सही नहीं है, क्योंकि दुबले लोग भी हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो सकते हैं। युवाओं में सही जीवनशैली को लेकर जागरूकता की कमी भी बड़ी समस्या बन रही है।
डॉ. वर्मा के अनुसार अब 20 वर्ष की उम्र में भी हाई बीपी के मामले देखने को मिल रहे हैं। समय पर जांच नहीं कराने के कारण कई लोगों को 30 से 45 वर्ष की उम्र में ही हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से देखी जा रही है। लंबे समय तक उच्च रक्तचाप रहने से शरीर के कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। दिल की धमनियां सख्त होने से हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है। दिमाग की नसों पर असर से स्ट्रोक का जोखिम रहता है। किडनी पर दबाव बढ़ने से किडनी फेलियर तक हो सकता है।आंखों की नसों को नुकसान, जिससे नजर कमजोर हो सकती है। खास बात यह है कि शुरुआती दौर में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, इसलिये नियमित जांच बेहद जरूरी मानी जाती है।
बीपी कंट्रोल रखने के लिये अपनायें ये आसान उपाय
डॉ उमा शंकर वर्मा के अनुसार कुछ सरल आदतें अपनाकर ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है। नियमित रूप से BP की जांच करायें। यदि रीडिंग 120/80 से अधिक रहे तो डॉक्टर की सलाह लें। खानपान में केले, संतरा, पालक और हरी पत्तेदार सब्जियां शामिल करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें। टहलना, साइकिल चलाना और योग दिल को स्वस्थ रखते हैं।रोजाना 7 से 9 घंटे की भरपूर नींद लें। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जीवनशैली में सुधार और नियमित स्वास्थ्य जांच से हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर समस्या से काफी हद तक बचाव संभव है।
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