Kohramlive : दुनिया के नक्शे पर इन दिनों पश्चिम एशिया की जमीन तप रही है। गोलियों और मिसाइलों की गूंज के बीच भारत भी चौकन्ना है। इसी बेचैन माहौल में शुक्रवार को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ डिजिटल माध्यम से एक अहम बैठक की। यह बैठक बदलते वैश्विक हालात में देश की तैयारी, सुरक्षा और आम लोगों के हितों को लेकर गंभीर मंथन का मंच बनी। बैठक का मुख्य मकसद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के असर से निपटने के लिये राज्यों की तैयारियों की समीक्षा, केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना एवं जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता बनाये रखना है। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि अगर “टीम इंडिया” की भावना से काम किया गया तो भारत हर चुनौती से मजबूती से उबर जायेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद भी भारत ने कई चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों की एकता और हिम्मत ने हर मुश्किल को पार किया है। उनका साफ संदेश था, जब देश की हर सरकार और हर नागरिक साथ चलता है, तब कोई भी संकट भारत को रोक नहीं सकता।
प्रधानमंत्री का साफ संदेश
बैठक में PM मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुये देश को चौकन्ना रहना होगा। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रखी जाये। जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर सख्त कार्रवाई हो। कृषि क्षेत्र में उर्वरक भंडारण और वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जाये। अफवाहों और गलत सूचनाओं से लोगों को बचाया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि सीमा और तटीय राज्यों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि समुद्री व्यापार और नौवहन से जुड़ी नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्यों में पेट्रोल, डीजल और LPG की पर्याप्त उपलब्धता है। केंद्र और राज्यों के तालमेल से हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। वहीं, ईंधन पर उत्पाद शुल्क में कमी और वाणिज्यिक LPG आवंटन बढ़ाने के फैसले का भी स्वागत किया गया। सरकार ने साफ किया है कि देश में फिलहाल ईंधन को लेकर कोई संकट नहीं है। भारत के पास करीब 60 दिन का ईंधन भंडार मौजूद है। कच्चा तेल 40 से ज्यादा देशों से खरीदा जा रहा है। आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह स्थिर है। इसलिये लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। इस डिजिटल बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से आंध्र प्रदेश के CM N. Chandrababu Naidu, उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ, तेलंगाना के CM Revanth Reddy, पंजाब के CM भगवंत मान, गुजरात के CM भुपेन्द्र पटेल, जम्मू-कश्मीर के CM उमर अबदुल्ला, हिमाचल प्रदेश के CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, अरुणाचल प्रदेश के CM Pema Khandu शामिल थे। वहीं, बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री इस बैठक में शामिल नहीं हुये। इन राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ कैबिनेट सचिवालय अलग बैठक करेगा।
इसे भी पढ़ें : रामकथा प्रेम, त्याग और अटूट विश्वास का संगम: पूज्य बालस्वामी…






