RANCHI : झारखंड अलग राज्य आंदोलन के एक-एक आंदोलनकारी को पूरा मान- सम्मान और अधिकार देने का राज्य सरकार ने संकल्प ले रखा है। इस आंदोलन की अंतिम पंक्ति में शामिल आंदोलनकारियों को भी चिन्हित कर उनका हक दिया जाएगा। यह बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को झारखंड अलग राज्य आंदोलन के सभी आंदोलनकारियों के चिन्हितीकरण के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कही। उन्होंने आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग के “लोगो ” और ‘आवेदन प्रपत्र” का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन में शामिल एक-एक आंदोलनकारी को नए की नए सिरे से पहचान कर सूचीबद्ध किया जाएगा। कहा कि नया आवेदन प्रपत्र काफी सरल बनाया गया है, ताकि हर आंदोलनकारी आसानी से अपने दावे को आयोग के समक्ष समर्पित कर सके।
लंबे संघर्ष के बाद मिला झारखंड
सीएम ने जोर देकर कहा कि एक लंबे संघर्ष के बाद हमें झारखंड राज्य मिला। इसमें अनगिनत लोगों में अपनी कुर्बानियां दी। कई परिवार कई परिवार शहीद हो गए। यह राज्य उनकी शहादत को कभी भूल नहीं सकता है। ऐसे सभी आंदोलनकारियों हम पूरा मान -सम्मान देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब झारखंड अलग राज्य आंदोलन की शुरुआत हुई थी तो लोगों को लगा था कि आदिवासी समुदाय के लिए यह असंभव सा है, लेकिन आदिवासी और धरती पुत्र पूरे दृढ़ संकल्प के साथ आंदोलन को धार देते रहे और आखिरकार झारखंड अलग राज्य के रूप में अपने सपने को साकार करने में कामयाब रहे।
गर्व है आंदोलनकारी का पुत्र होने का
हेमंत सोरेन ने कहा कि बतौर मुख्यमंत्री वे इस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे हैं, लेकिन उनकी पहचान एक आंदोलनकारी का पुत्र होने के नाते है। इसका मुझे गर्व है। राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, आंदोलनकारी का बेटा के रूप में आपको अधिकार और सम्मान दिलाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों से आदिवासियों के साथ शोषण होता आया है। वे हमेशा से ही हाशिये पर रहे हैं। इस वजह से यहां के कई आदिवासी परिवार पलायन करने को मजबूर हो गए। अब आदिवासियों को पूरा हक और अधिकार सरकार देगी।
राज्य की खनिज संपदा पर यहां के लोगों का होगा अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से भरपूर राज्य है, जबकि हमेशा से ही यहां के खनिज संपदा का दोहन कोई और करता रहा है। यहां के लोग इससे वंचित रहे। अब ऐसा नहीं होगा। यहां के खनिज और खदानों पर राज्य और राज्य की जनता का अधिकार होगा। इसके बाद ही किसी को अन्य को इसके उपयोग करने की इजाजत होगी। इसके लिए सरकार ने बाकायदा नियम भी बना लिया है।
अब पेंशन में सीमा की कोई बाध्यता नहीं है
हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार ने सार्वभौम पेंशन योजना लागू की है। उसमें हर योग्य लाभुक को पेंशन मिलेगी। पेंशन को लेकर संख्या की कोई सीमा नहीं होगी। सभी बुजुर्ग, दिव्यांग, परित्यक्ता, विधवा और एकल महिला को पेंशन योजना से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से भी आंदोलनकारियों को अवगत कराया।
इनकी रही मौजूदगी
मौके पर राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन, कृषि मंत्री बादल, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और राजेश कच्छप, आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग के अध्यक्ष दुर्गा उरांव तथा सदस्य भुवनेश्वर महतो एवं नरसिंह मुर्मू, मधु मंसूरी हंसमुख, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे और सभी जिलों से आए आंदोलनकारी मौजूद थे।
इसे भी पढ़ें : क्यों सताते हो इतना, यह बोल बीवी क्या कर डाली… देखें
इसे भी पढ़ें : सिद्धु मूसेवाला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, जानिये क्या
इसे भी पढ़ें : सरकार के एक फैसले से सस्ता हो गया रेस्टोरेंट में खाना, जानिये कैसे
इसे भी पढ़ें : LPG Cylinder पर सब्सिडी को लेकर सरकार का बड़ा बयान, जानें क्या…
इसे भी पढ़ें : सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ, देखें क्या लिखा है अधिसूचना में
इसे भी पढ़ें : शादी के 8 साल… न छुआ-छुई न सेक्स… सांसद पति का हिरोइन पत्नी से सवाल- कब तक करें इंतजार
इसे भी पढ़ें : मां सोनिया के बाद बेटी प्रियंका गांधी भी Corona Positive
इसे भी पढ़ें : कश्मीर में कोहराम, बैंक मैनेजर और प्रवासी पर बौछार कर दी गोलियां










