Ranchi : जिस उम्र में हाथों में किताबें होनी चाहिए थीं, उसी उम्र में आज झारखंड की सड़कों पर तिरंगा, पोस्टर और अपने हक की आवाज नजर आई। भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे हजारों अभ्यर्थियों का विधानसभा मार्च सोमवार को उस वक्त उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी जगन्नाथपुर मंदिर के पास लगाये गये अंतिम बैरिकेड तक पहुंच गये। बैरिकेड पार करने की कोशिश हुई तो पुलिस ने मोर्चा संभाला। पहले पानी की बौछार, फिर लाठीचार्ज किया गया। कुछ ही देर में नारे, धक्का-मुक्की और अफरातफरी के बीच आंदोलन का रंग और गहरा हो गया। कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई में घायल होने का दावा किया है। आंदोलन अब विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंच चुका है, जहां अभ्यर्थी धरने पर बैठ गए हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश कर गया। पुराने विधानसभा भवन के बाहर से करीब 10.30 बजे विधानसभा मार्च शुरू हुआ। हाथों में तिरंगा और पोस्टर लिये छात्र आगे बढ़ते रहे। रास्ते में लगाये गये बैरिकेड एक-एक कर टूटते गये। भारी पुलिस बल की तैनाती के बावजूद प्रदर्शनकारियों का हुजूम आगे बढ़ता रहा। जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस ने अंतिम बैरिकेड पर उन्हें रोकने की कोशिश की। यहीं स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिये पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद भी जब भीड़ आगे बढ़ने की कोशिश करती रही तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कई प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई को बर्बर बताते हुये दावा किया कि कई महिला अभ्यर्थियों को भी चोटें आई हैं। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बैरिकेड के पास मौजूद छात्रों के सिर, हाथ और चेहरे पर भी लाठियां चलाईं। इसी बीच परीक्षा विवाद ने जांच के मोर्चे पर भी बड़ा मोड़ लिया है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को CID ने कथित परीक्षा अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई JPSC की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (PT) में कथित गड़बड़ियों की जांच के बीच हुई है। CID के ADG मनोज कौशिक ने मीडिया को बताया कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के सिलसिले में खियांग्ते को गिरफ्तार किया गया है। बीते 28 जुलाई से उनसे चार बार पूछताछ की जा चुकी थी। खियांग्ते की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में CID द्वारा गिरफ्तार किये गये लोगों की संख्या 20 हो गई है। राज्य के मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद खियांग्ते को पिछले साल फरवरी में JPSC का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उन्होंने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दिया था। विधानसभा मार्च को देखते हुये करीब चार किलोमीटर लंबे रास्ते पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे। निषेधाज्ञा लागू की गई थी और आला पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर रख रहे थे। अधिकारियों के मुताबिक रैपिड एक्शन फोर्स, इंडियन रिजर्व बटालियन, जिला पुलिस और क्विक रिस्पांस टीम के 1,500 से अधिक जवानों को तैनात किया गया था। लेकिन भारी सुरक्षा के बावजूद छात्रों का हुजूम विधानसभा के गेट नंबर-1 तक पहुंच गया।
रूरल SP बोले, 90 फीसदी छात्र शांत, कुछ ने तोड़ी बैरिकेडिंग
रांची के रूरल SP के मुताबिक करीब 90 फीसदी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी और पुलिसकर्मियों को नुकसान पहुंचाया।उनका दावा है कि भीड़ में 700 से 1,000 छात्र ऐसे थे, जो किसी की बात नहीं मान रहे थे। SP ने कहा कि बैरिकेडिंग को धकेलने के दौरान तीन पुलिसकर्मी दब गये और पुलिस बल पर पत्थर भी फेंके गये। बेकाबू हो रहे प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिये पुलिस ने लाठी चार्ज किया। इस आंदोलन में एक और तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा। भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर नौ दिनों से अनशन कर रहे JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा मार्च में पहुंचे। वह स्ट्रेचर पर मार्च का हिस्सा बने। उनके हाथ में पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की तस्वीर भी नजर आई। महतो ने रास्ते में तारबंदी वाली बैरिकेडिंग पर सवाल उठाते हुये कहा कि छात्रों के साथ कथित अन्याय के कारण उनका गुस्सा बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया और कहा कि आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उनका एक बयान भी चर्चा में रहा, “युवा” का उल्टा “वायु” होता है और वायु को कोई रोक नहीं सकता।
सरकार कह रही 98 फीसदी मांगें मानीं, छात्र बोले- बात अभी बाकी है
सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग में सरकार केवल तीन परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हुई है। अभ्यर्थी JPSC और JSSC में व्यापक सुधार, कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
‘पुष्पा’ और ‘स्पाइडरमैन’ भी पहुंचे आंदोलन में
रांची की सड़कों पर इस आंदोलन के कई रंग दिखाई दिये। एक प्रदर्शनकारी फिल्मी किरदार ‘पुष्पा’ के अंदाज में पहुंचा। उसका कहना था कि झारखंड के छात्र तब तक न झुकेंगे और न रुकेंगे, जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता। उसने सरकार से छात्रों की मांगों को गंभीरता से समझने की अपील की और कहा कि यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना चाहिये। वहीं, एक अन्य प्रदर्शनकारी स्पाइडरमैन का मास्क पहनकर मार्च में शामिल हुआ। उसका आरोप था कि सरकार छात्रों की बात सुनने को तैयार नहीं है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिये पर्याप्त कदम नहीं उठाये जा रहे हैं।















