Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में शनिवार को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन कार्यालय गढ़वा के सभागार में आयोजित विशेष कार्यशाला में स्वास्थ्य अधिकारियों ने डेंगू के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को सतर्क किया और साफ संदेश दिया गया कि “सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।” कार्यशाला की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने की। पूरा कार्यक्रम का इस साल का थीम — “जाँच करें, सफाई करें और ढकें” — पर केंद्रित रहा।
डेंगू से बचाव का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता
सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ केनेडी ने कहा कि डेंगू एक खतरनाक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से फैलती है। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिये अभी कोई सटीक टीका या विशेष दवा उपलब्ध नहीं है। इसलिये मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना और लोगों को जागरूक करना ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सप्ताह में कम से कम एक दिन घर के कूलर, टंकी और अन्य जल पात्रों का पानी पूरी तरह खाली कर उन्हें अच्छी तरह साफ और सुखाने के बाद ही दोबारा इस्तेमाल करें।
हल्के बुखार को भी नजरअंदाज न करें
डॉ. केनेडी ने चेतावनी देते हुये कहा कि किसी भी बुखार को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। यदि तेज बुखार, शरीर दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में जांच करानी चाहिये।
दिन में काटता है एडिस मच्छर
कार्यशाला में जिला वीबीडी सलाहकार अरविंद कुमार द्विवेदी ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुये बताया कि डेंगू फैलाने वाला एडिस मच्छर आमतौर पर दिन के समय काटता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें और घरों के आसपास कहीं भी साफ पानी जमा न होने दें। उन्होंने कहा कि नारियल के खोल, टूटे बर्तन, डिस्पोजेबल ग्लास और पुराने टायर जैसे सामानों में जमा पानी डेंगू मच्छरों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना बन जाता है।
मानसून में बढ़ जाता है खतरा
जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. संतोष मिश्रा ने कहा कि मानसून और उसके बाद डेंगू फैलने की संभावना तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे समय में सिर्फ सरकारी प्रयास काफी नहीं होते, बल्कि जनभागीदारी बेहद जरूरी होती है। कार्यशाला में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों से गांव-गांव और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाने की अपील की गई। इस मौके पर सिटी मैनेजर रोहित राहुल समद, एडीपीओ कुलदीपक अग्रवाल, महिला पर्यवेक्षिका राणा तबस्सुम, अंकित तिर्की, रोहित सिंह, अभिषेक सिंह, कुमार संजीव शरण, चंदन कुमार पाल, राज कुमार वर्मा, सुनील पांडेय, नुरुल्लाह अंसारी, रौशन कुमार, विकास कुमार चंदेल, अजीत सिंह और पिरामल फाउंडेशन के जहीर अंसारी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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