KohramLive (Bhavna Thakur) : डायरी में गर्मी छुट्टी की इंट्री होते ही स्कूली बच्चों की जिद के आगे मम्मी-डैडी की ट्रिप के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन की तलाश औैर तैयारी शुरू हो गई। इस बार कोई बहाना भी नहीं। कोरोना का डर भी कोसों दूर। स्कूली बच्चों को पूरी तरह से पता है कि अब दो गज दूरी, मास्क है जरूरी और लॉकडाउन का पूरी तरह से खात्मा हो चुका है। ज्यादातर मम्मी भी बच्चों के सुर में सुर मिला रही है। वजह एक ही… गुजरे दो साल में कुछ मम्मी को भी बाहर जाने का मौका नहीं मिला। डैडी को सिर्फ यही चिंता सता रही है कि दफ्तर से छुट्टी कैसे मिले और पॉकेट टाइट कहां से कैसे हो। कई डैडी ने तो एडवांस के लिए अपने-अपने दफ्तरों में अर्जी दे दी है। एक कारपोरेट हाउस के एचआर हेड ने कहा… इस बार सबसे ज्यादा अर्जी एडवांस के लिए आई है। ज्यादातरों ने कारण में मेडिकल और पर्सनल बताया है।
घूमने-फिरने वाले शानदार जगहों तक जाने वाली ट्रेनों की हालत यह है कि अब हर जगह वेटिंग। फ्लाइट के टिकटों की कीमत भी बढ़ा दी गई है। गोवा जाने वाली ट्रेन में कोई चांस नहीं। केवल एक उम्मीद है तत्काल। इसी तरह बाकी ट्रेनों का भी यही हाल है। कुछ ट्रेनों में तो “लगन” के दिन ने भीड़ बढ़ा दी है। चिलचिलाती गर्मी में लंबी दूरी तक बसों के सफर से बचना चाहते हैं लोग। वैसे लंबी दूरी तक चलने वाली लग्जरी और वोल्वो बसों में एडवांस बुकिंग चल रही है। ओला और उबर को भी लोग अब झांकने लगे हैं। ट्रेवर्ल्स एजेंसी चलाने वाले कई लोगों का कहना है कि पहले से बहुत हालत सुधरी है। शादी-ब्याह, “लगन” और गर्मी छुट्टी में घूमने-फिरने के मौसम ने उनकी सोयी तकदीर जगा दी है। कोरोना काल में हालत पतली हो गई थी।
एक जाबांज आर्मी जवान चंदन की बेटी मिठी बोली- पहले से ही मन बना रखे थे, इस बार गर्मी छुट्टी में किसी भी हालत में अपने गांव दरियापुर दादी के पास और मानो नानी के पास जाऊंगी। आम का मौसम है खूब आम खाऊंगी। खूब मस्ती करूंगी। आज रात मिठी जब ट्रेन पर सवार हुई तो उसमें गजब की खुशी थी। मिठी होली क्रॉश स्कूल की छात्रा है। वहीं तृप्ती भी इस बार बहुत खुश है। दो साल बाद घूमने फिरने का मौका मिला है। मम्मी-डैडी को भी मना ली हूं। इस बार खूब मस्ती करूंगी। अराध्या तो कमाल का बोल गई। उसने कहा- अबकी बार मम्मी डैडी की नहीं, मेरी मर्जी चलेगी। मछली घर जाना है, चिड़ियां घर देखना है। पतरातू डैम घूमना है। आइस्क्रीम खाएंगे। खूब इन्जॉय करेंगे। गुजरे दो साल से धनबाद की सिया का बिल्कुल मूड खराब था। इस बार तो ठान रखी तो चाहे जो हो जाये घूमने तो जाना ही है। सिया की ताकत बन गई उसकी मम्मी। अब डैडी की क्या मजाल कि टूर टाल दे। सिया ने कहा- इसबार सबसे पहले काशी जाऊंगी, गंगा आरती देखूंगी, फिर दिल्ली के इंडिया गेट से लालकिला देखना है। इस बार अपनी दादी के घर पटना भी जाऊंगी। कोकर की मुस्कान में गजब का उत्साह है। उसने भी मम्मी-डैडी को इस बार मना लिया है। तैयारी शुरू हो गई है। एक दो दिन में सफर पे निकल जाना है। इधर, देर रात तक मम्मी डैडी मिलकर यूट्यूब झांक रहे हैं। यूट्यूब में टॉप टेन वैसे जगहों को टटोला जा रहा है, जहां का मौसम कूल-कूल हो। सुकून भी पूरा मिले। कोहराम लाइव ने करीब 32 परिवारों से बातें की। उनसे मिले फिडबैग के बाद जिन शहरों का क्रेज सामने आया, उसमें हिमाचल की तीर्थन वैली, उत्तराखंड का अल्मोड़ा, औली और कसोल, मेघालय का चेरापूंजी, तमिलनाडु का कुन्नूर, केरल का मुन्नार, अरुणाचल प्रदेश का तवांग, वेस्ट बंगाल का मिरिक और गंगटोक शामिल है।
अब झांकते हैं इन जगहों की एक नजर में खासियतों पर
तीर्थन वैली : यह ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से कुछ दूरी पर है। जो कोई कुछ अलग और हटकर देखना चाहते हैं, उनके लिए यह पसंदीदा जगह है। यहां तापमान 10 से 25 डिग्री सेल्सियस रहता है। यह कई तरह की एक्टिविटीज करायी जाती है, जैसे रिवर क्रॉसिंग, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग..। दिल्ली से तीर्थन वैली आने में एक रात का समय लगता है।
अल्मोड़ा : Almora को भारत का स्विट्जरलैंड भी कहा जाता है। यहां की वादियां, बर्फ के पहाड़, हरे भरे घास से बिछी मैदान, झील-झरने अद्भूत हैं। नैना देवी, कॉर्नर, कटारमल मंदिर गजब की शांति और सुकून दे जाती है। अल्मोड़ा एक शानदार हिल स्टेशन भी है।
चेरापूंजी, मेघालय : नेचर लवर्स के लिए चेरापूंजी किसी स्वर्ग से कम नहीं। यहां बेहद खूबसूरत वॉटरफॉल भी हैं। चेरापूंजी में कुछ जगहों पर डबल डेकर रूट ब्रिज का नजारा अलग मजा दे जाता है। गांवों की साफ-सफाई देख लोगों का मन गदगद हो जाता है। यह शहर गर्मी में भी कूल-कूल का अहसास कराता है।
कुन्नूर, तमिलनाडु : यह जगह एडवेंचर, शांति और खूबसूरत नजारों के लिए फेमस है। यहां तापमान 20 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां नीलगिरी माउंटेन रेलवे लाइन और चाय बागान घूमने का सबसे बेहतर जगह है। एक से बढ़कर एक रिजॉर्ट है।
मुन्नार, केरल : Munnar केरल का यह Hill Station पूरी दुनिया में फेमस है। मुन्नार शब्द असल में एक मलयालम शब्द है जिसका मतलब होता है, तीन नदियों का संगम। मुन्नार में मधुरापुज़हा,नल्लथनी, और कुंडली यह तीनों नदियां मुन्नार में एक ही जगह पर मिलती है।
तवांग, अरुणाचल प्रदेश : तवांग अपनी खूबसूरत मोनेस्ट्री और पिक्चर परफेक्ट सीनरी के लिए जाना जाता है। आप अगर नेचर में खो जाना चाहते हैं तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है। गर्मियों के पीक में भी यहां तापमान 5 से 21 डिग्री सेल्सियस के बीच में रहता है। सताने वाली गर्मी से बचने का सबसे परफेक्ट जगह है तवांग।
कसोल : हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में बसा एक छोटा सा गांव है कसोल। ट्रेकर्स, बैगपैकर्स और नेचर लवर्स के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं। यहां मणिकरण गुरुद्वारा, पार्वती नदी और तोश गांव में याद समेटने के बहुत कुछ है।
औली : यह भारत की सबसे ठंडी जगहों में से एक है। सर्दियों और यहां तक कि गर्मियों के लिए भी यह बेस्ट स्कीइंग डेस्टिनेशन है। हरियाली औली का अपना गहना है। यहां अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है।
मिरिक, वेस्ट बंगाल : मिरिक पश्चिम बंगाल का सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन और टूरिस्ट प्लेस है। गर्मियों में भी यहां का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। यहां पर आप मिरिक लेक, ऑरेज ऑर्चिड, बुंगकुलुं, चाय के बागान, आदि जगहों पर घूम सकते हैं।
गंगटोक : सिक्किम राज्य में स्थित गंगटोक गर्मियों में घूमने के लिए बेस्ट जगहों में से एक है। गंगटोक की प्राकृतिक सुदंरता हर किसी के मन को मोह सकती है। घूमने के लिए कोई शांति वाली लोकेशन ढूंढ रहे हैं तो गंगटोक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकता है।
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