Kohramlive : इस बार सावन की पूर्णिमा पर बहनें भाई की कलाई पर जब प्यार से राखी बांधेंगी, तो न सिर्फ एक वादा दोहराया जायेगा, बल्कि एक परंपरा फिर से जीवंत होगी। इस बार पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 8 अगस्त को दोपहर 2:12 बजे से हो रही है और इसका समापन 9 अगस्त को दोपहर 1:24 बजे तक होगा। चूंकि रक्षाबंधन उदयातिथि में मनाया जाता है, इसलिए यह पर्व 9 अगस्त को ही मनाया जायेगा। यह दिन बहन-भाई के रिश्तों की मिठास से महकेगा। राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 5:47 से दोपहर 1:24 तक रहेगा, यानी पूरे 7 घंटे 37 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा।
इस बार खास बात यह है कि भद्रा का साया इस दिन नहीं पड़ेगा। चार वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है कि राखी बिना किसी अशुभ समय के पूरे उल्लास के साथ बांधी जा सकेगी।
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:22 से 5:02 तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12:17 से 12:53 तक
सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 5:47 से दोपहर 2:23 तक
पूजन विधि
शास्त्रों के मुताबिक बहनें थाल में रोली, चंदन, अक्षत, रक्षासूत्र, मिठाई और घी का दीपक सजाये। पहले भगवान को राखी अर्पित करें, फिर भाई को तिलक कर रक्षासूत्र बांधें और आरती उतारें। मिठाई खिलाकर रक्षा की कामना करें। रक्षासूत्र लाल, पीला और सफेद रंग का हो। यदि संभव हो तो उस पर चंदन लगा होना शुभ माना गया है।
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