Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के भंडरिया रेफरल अस्पताल में तैनात होमगार्ड जवान फरजुन मिंज की प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की अनुशंसा ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अस्पताल के कर्मचारियों, होमगार्ड जवानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि बिना विभागीय जांच और बिना संबंधित पक्ष का पक्ष सुने यह कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि इससे एक गरीब परिवार की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। खबर है कि असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने जिला समादेष्टा, झारखंड गृह रक्षा वाहिनी को पत्र भेजकर फरजुन मिंज की प्रतिनियुक्ति तत्काल समाप्त करने और भविष्य में स्वास्थ्य विभाग में उनकी तैनाती नहीं करने की अनुशंसा की है। पत्र में एक महिला चिकित्सक के साथ कथित अभद्र व्यवहार का जिक्र किया गया है।
‘बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन कार्रवाई उन्हीं पर हो गई’
अस्पताल के कुछ कर्मचारियों का दावा है कि घटना के समय एक महिला चिकित्सक और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के बीच किसी मुद्दे पर बहस हो रही थी। उनका कहना है कि स्थिति को शांत कराने के लिये बीच-बचाव करने पहुंचे होमगार्ड जवान को ही पूरे विवाद का जिम्मेदार ठहरा दिया गया। इसी आधार पर कर्मचारी निष्पक्ष विभागीय जांच की मांग कर रहे हैं और उनका कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले सभी पक्षों की बात सुनी जानी चाहिये।
पूर्व मुखिया ने भी उठाया सवाल
भंडरिया पंचायत की पूर्व मुखिया सुशीला केरकेट्टा ने भी सिविल सर्जन से फोन पर बातचीत कर निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया। उनके अनुसार, सिविल सर्जन ने बताया कि यह जांच का विषय नहीं है और कानून के तहत कार्रवाई की गई है। इसके बाद स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग और तेज कर दी। वहीं, फरजुन मिंज ने भी अपने विभागीय अधिकारियों को पत्र लिखकर बिना विभागीय जांच कार्रवाई किये जाने पर आपत्ति जताई है। अस्पताल के कर्मचारियों का दावा है कि इस घटनाक्रम के बाद वह गहरे मानसिक तनाव में आ गये और बुधवार को कथित रूप से आत्मघाती कदम उठाने के इरादे से निकल पड़े। कर्मचारियों के अनुसार, समय रहते सहकर्मियों ने उन्हें समझाकर सुरक्षित वापस लाया।
सिविल सर्जन का पक्ष भी सामने आया
सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी ने आरोपों को खारिज करते हुये कहा कि मामला एक महिला चिकित्सक के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़ा है। उनके अनुसार, इससे पहले भी एक-दो महिला चिकित्सकों की ओर से संबंधित होमगार्ड जवान के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवान के खिलाफ कोई बड़ी विभागीय कार्रवाई नहीं की गई है। केवल स्वास्थ्य विभाग के अस्पताल से उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त करने की अनुशंसा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित जवान की अन्य किसी विभाग या स्थान पर प्रतिनियुक्ति की जा सकती है।
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