Bihar : भारतीय टीम का भरोसेमंद तेज गेंदबाज आकाशदीप जिंदगी की एक और खूबसूरत पारी शुरू करने जा रहे हैं। टीम इंडिया के स्टार पेसर 24 जून को वाराणसी में विवाह बंधन में बंधेंगे। उनकी जीवनसंगिनी रोहतास जिले के डेहरी-ऑन-सोन स्थित मानिकपुर गांव की अक्षिता बनेंगी।
21 जून से शुरू होंगी शादी की रस्में
आकाशदीप के घर इन दिनों उत्सव का माहौल है। शादी की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। 21 जून को तिलक, 22 जून को मेहंदी और 23 जून को हल्दी की रस्में आयोजित की जायेंगी। परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में सभी पारंपरिक कार्यक्रम उनके पैतृक गांव बड्डी में होंगे। गांव के लोग भी अपने ‘हीरो’ की शादी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। आकाशदीप भगवान शिव के परम भक्त माने जाते हैं। जब भी समय मिलता है, वह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिये पहुंच जाते हैं। यही वजह है कि शादी के लिये वाराणसी को चुना गया है। पिछले वर्ष उनकी बहन ज्योति सिंह ने भी संकेत दिया था कि आकाशदीप की शादी बाबा विश्वनाथ की नगरी में ही होगी।
खेल मंत्री को भी दिया न्योता
शादी को खास बनाने के लिये आकाशदीप ने हाल ही में बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह से मुलाकात कर उन्हें विवाह का निमंत्रण दिया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से समारोह में शामिल होने का आग्रह भी किया। माना जा रहा है कि शादी में खेल, प्रशासन और राजनीति जगत की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो सकती हैं।
16 साल की उम्र में टूटा था परिवार का सहारा
आज लाखों क्रिकेट प्रेमियों के चहेते बन चुके आकाशदीप का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा है। महज 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। इस सदमे से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि छह महीने बाद उनके भाई का भी निधन हो गया। जिंदगी के इन कठिन पलों में उनकी बहन ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचे और क्रिकेट में करियर बनाने के लिये संघर्ष शुरू किया। उस समय बिहार क्रिकेट एसोसिएशन पर प्रतिबंध लगा हुआ था। ऐसे में क्रिकेट के सपने को जिंदा रखने के लिये आकाशदीप को बिहार छोड़ना पड़ा। वह बंगाल के आसनसोल पहुंचे और रिश्तेदारों के यहां रहकर क्लब क्रिकेट खेलने लगे। धीरे-धीरे उनकी गेंदबाजी ने लोगों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया।
एक ट्रायल ने बदल दी जिंदगी
कहते हैं किस्मत भी उन्हीं का साथ देती है, जो मेहनत करते हैं। एक दोस्त की सलाह पर आकाशदीप बंगाल में ट्रायल देने पहुंचे। वह यूनाइटेड क्लब से खेलने लगे। उनकी प्रतिभा पर बंगाल रणजी टीम के सहायक कोच सौराशीष लाहिड़ी की नजर पड़ी। उन्होंने आकाशदीप को नेट बॉलर के रूप में मौका दिया और बाद में बंगाल अंडर-23 टीम तक पहुंचने का रास्ता खुल गया। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन के बाद IPL ने उनकी पहचान को नई ऊंचाई दी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से लेकर लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी बड़ी फ्रेंचाइजियों ने उन पर भरोसा जताया। इस साल कोलकाता ने उन्हें एक करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया, हालांकि चोट के कारण वह टूर्नामेंट नहीं खेल सके।
टीम इंडिया में बनाई खास जगह
लगातार मेहनत और शानदार प्रदर्शन का इनाम उन्हें भारतीय टीम में चयन के रूप में मिला। अपनी रफ्तार, सटीक लाइन-लेंथ और अनुशासित गेंदबाजी के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का भरोसा जीता। आज वह भारतीय टेस्ट टीम के महत्वपूर्ण गेंदबाजों में गिने जाते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट में आकाशदीप ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट झटके और बल्ले से 66 रन की शानदार पारी भी खेली। एक ही टेस्ट मैच में 10 विकेट और अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में उनका नाम दर्ज हो गया। इंग्लैंड की धरती पर यह कारनामा करने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
बहन के नाम किया था ऐतिहासिक प्रदर्शन
एजबेस्टन में मिली सफलता के बाद आकाशदीप भावुक हो गये थे। उन्होंने अपनी यह उपलब्धि अपनी बहन अखंड ज्योति को समर्पित की थी, जो कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं।उन्होंने कहा था कि मैदान पर उनका हर प्रयास बहन के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिये होता है।
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