Hazaribagh : मुहर्रम पर्व को लेकर हजारीबाग में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाये रखने के साथ-साथ अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिये पुलिस कप्तान ने सभी पुलिस अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किये हैं। शुक्रवार को आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग ने जिले के सभी DSP, SDPO, पुलिस इंस्पेक्टरों और थानेदार के साथ लंबित मामलों, अपराध नियंत्रण और आगामी चुनौतियों को लेकर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
पुराने मामलों की होगी समीक्षा
बैठक में मुहर्रम 2026 के मद्देनजर विशेष रणनीति तैयार की गई। पुलिस कप्तान ने निर्देश दिया कि पूर्व में हुई सांप्रदायिक घटनाओं की समीक्षा कर उनमें शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाये। इसके साथ ही जिले में निकलने वाले सभी लाइसेंसी और गैर-लाइसेंसी जुलूसों की सूची तैयार कर उन पर अभी से विशेष निगरानी रखने का आदेश दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके। वहीं, महिला प्रताड़ना, हिंसा और अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। SP ने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुये 60 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाये।
पुराने लंबित मामलों को खत्म करने पर जोर
बैठक में वर्ष 2025 से पूर्व के सभी लंबित मामलों की समीक्षा की गई। थानेदारों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन किया जाये, ताकि लंबित मामलों का बोझ कम हो सके। जिले के विभिन्न थानों में लंबित जमानती और गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार तथा कुर्की-जब्ती के मामलों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया। पुलिस कप्तान ने निर्देश दिया कि विशेष अभियान चलाकर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाये और लंबित कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा किया जाये। अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिये सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, पुलिस उपाधीक्षकों और पुलिस निरीक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक सोमवार को थानों में बैठक कर लंबित मामलों की समीक्षा करें और उनके निष्पादन की प्रगति पर नजर रखें।
नशे के कारोबारियों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत
बैठक में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री को लेकर भी चिंता जताई गई। पुलिस अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने और नशे के कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसी तरह अवैध कोयला, बालू और पत्थर खनन को पूरी तरह रोकने के लिये पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। SP ने निर्देश दिया कि संबंधित अंचल अधिकारियों और जिला खनन पदाधिकारियों के साथ मिलकर अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाये।वहीं, संगठित अपराध गिरोहों, अवैध खनन माफियाओं और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ CCA, थाना हाजिरी और गुंडा पंजी जैसी कानूनी कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने का भी निर्देश दिया गया। बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुये सभी थानेदारों को लंबित साइबर मामलों का जल्द निष्पादन करने और इसमें शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में पुलिस कप्तान ने थानेदारों को यह भी निर्देश दिया कि वे आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुनें और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर भी बल दिया गया।
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