Bihar : अब निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। बच्चों के भविष्य और अभिभावकों की जेब से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का जवाब अब एक क्लिक पर मिलेगा। पटना के सभी निजी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी। इसके लिये शिक्षा विभाग ने 30 जून तक की समय-सीमा तय की है। जिला शिक्षा कार्यालय को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल अपनी वेबसाइट पर जरूरी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराते हैं। इससे अभिभावकों को फीस, शिक्षकों और स्कूल की सुविधाओं से जुड़ी जानकारी पाने में परेशानी होती थी। अब विभाग ने इस व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
स्कूलों को बतानी होगी पूरी शैक्षणिक तस्वीर
शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी निजी स्कूलों को अपनी वेबसाइट अपडेट करनी होगी। स्कूलों को यह जानकारी सार्वजनिक करनी होगी कि उनके यहां कितने शिक्षक कार्यरत हैं, उनकी शैक्षणिक योग्यता क्या है और स्कूल में उपलब्ध बुनियादी सुविधाएं कौन-कौन सी हैं। वहीं, विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या और शैक्षणिक ढांचे से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होंगी। अभिभावकों के लिये सबसे महत्वपूर्ण खबर यह है कि अब स्कूलों को अपनी फीस संरचना भी सार्वजनिक करनी होगी।वेबसाइट पर यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि किस कक्षा के लिये कितनी फीस ली जा रही है। इससे अभिभावकों को दाखिले से पहले ही शुल्क संबंधी पूरी जानकारी मिल सकेगी और अनावश्यक भ्रम या विवाद की स्थिति कम होगी।
स्कूल बस और वैन की जानकारी भी देनी होगी
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये परिवहन व्यवस्था की जानकारी भी सार्वजनिक करना अनिवार्य किया गया है। स्कूलों को बताना होगा कि उनके पास कितनी बड़ी बसें, मिनी बसें और वैन उपलब्ध हैं। साथ ही वाहनों की संख्या और उनसे संबंधित आवश्यक विवरण भी वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिया है कि स्कूल अपने बोर्ड से प्राप्त मान्यता की जानकारी भी वेबसाइट पर अपडेट करें। यदि मान्यता से जुड़ा कोई नया आदेश, नवीनीकरण या अन्य महत्वपूर्ण अपडेट हो, तो उसे भी सार्वजनिक करना होगा ताकि अभिभावकों को विद्यालय की वैधता और स्थिति की सही जानकारी मिल सके।
नियम नहीं मानने वालों पर होगी कार्रवाई
विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 जून तक आवश्यक जानकारी वेबसाइट पर अपलोड नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। जिला शिक्षा कार्यालय पूरे मामले पर लगातार नजर रखेगा और निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करेगा। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिये एक जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष जांच अभियान चलाया जायेगा। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी विभिन्न निजी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे और यह जांच करेंगे कि स्कूल निर्धारित मानकों और निर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
आधार और APAAR डिटेल की भी होगी जांच
निरीक्षण के दौरान छात्रों की आधार और एपीएएआर (APAAR) संबंधी जानकारी की भी जांच की जायेगी। इस संबंध में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिये गये हैं, ताकि अभियान प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अभिभावकों को स्कूलों की पूरी जानकारी एक ही जगह आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। फीस, शिक्षकों की योग्यता, परिवहन व्यवस्था, छात्र संख्या और अन्य जरूरी सूचनाओं के लिए उन्हें बार-बार स्कूलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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