Ranchi : राजधानी रांची के जेल मोड़ के उस सरकारी विद्यालय में अचानक एक नई हलचल जागी। न कोई शोर, न कोई तामझाम, लेकिन आहट थी बड़ी खास। राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा खुद राजकीय पिछड़ी जाति +2 बालिका उच्च विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने छात्राओं से संवाद किया, “आपमें से कोई डॉक्टर बनेगी, कोई IAS, कोई शिक्षक… बस एक वादा करो, खुद पर भरोसा रखोगी।” छात्राओं की चमकती आंखें और आत्मविश्वास से भरा जवाब आया, उस दिन का सबसे बड़ा पुरस्कार। “अब हमारी बेटियां सिर्फ दुल्हन नहीं बनेंगी, डॉक्टर-इंजीनियर भी बनेंगी” मंत्री लिंडा की आवाज में जुनून था और आंखों में एक पिता का सपना। मंत्री चमरा लिंडा ने निर्माणाधीन छात्रावास भवन का निरीक्षण किया और बोले, “ये सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं, यह वह दीवार है, जो इन बच्चियों को सुरक्षा, सुविधा और सम्मान देगी।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सुविधा, स्वच्छता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा सरकार सहारा दे रही, किताबें, ड्रेस, हॉस्टल, छात्रवृत्ति और करियर गाइडेंस…सरकार तैयार है हर कदम पर साथ देने के लिये। झारखंड सरकार का महिला सशक्तिकरण के प्रति संकल्प अडिग है। मंत्री लिंडा का एक संदेश बहुत स्पष्ट था ,“सुविधाएं मिल रही हैं, अब जिम्मेदारी तुम्हारी है, उड़ो, ताकि झारखंड को तुम पर नाज हो।”
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