Ranchi : पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने के बाद अब सबकी नजरें शुभेंदु अधिकारी पर टिकी हैं। कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। वे कल दिल के 11 बजे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। शुभेंदु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर 1970 को Contai में हुआ था। वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी तीन बार सांसद रह चुके हैं और केंद्र सरकार की कई संसदीय समितियों में अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनकी मां का नाम गायत्री अधिकारी है।
छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
शुभेंदु अधिकारी ने 1989 में कांग्रेस की छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। उस दौर में बंगाल में वामपंथी छात्र संगठनों का दबदबा था, लेकिन विपक्षी छात्र नेता के तौर पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। 1995 में वे कांथी नगर पालिका के पार्षद चुने गये और यहीं से उनके चुनावी सफर की औपचारिक शुरुआत हुई। बाद में उन्होंने ममता बनर्जी के साथ राजनीति की और लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस का अहम चेहरा रहे। राजनीतिक सफर में शुभेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया और बंगाल की राजनीति में TMC के खिलाफ सबसे मजबूत चेहरा बनकर उभरे। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद उनकी राजनीतिक हैसियत और बढ़ गई। अब भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद वे राज्य की सत्ता संभालेंगे। शुभेंदु अधिकारी ने अब तक शादी नहीं की है। उनके भाई सौमेंदु अधिकारी भी भाजपा में सक्रिय हैं, जबकि दूसरे भाई दिब्येंदु अधिकारी पहले TMC सांसद रह चुके हैं।हाल ही में उनके PA चंद्रनाथ देव की हत्या के बाद भी अधिकारी परिवार लगातार सुर्खियों में रहा। विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान दाखिल हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी के पास करीब 85.87 लाख रुपये की कुल संपत्ति है। हलफनामे में उन्होंने अपने पास 12 हजार रुपये नकद होने की जानकारी दी थी। उनके नाम कोई कार या सोने के आभूषण दर्ज नहीं हैं और उन पर किसी तरह का कर्ज भी नहीं है।
इसे भी पढ़ें : गुलाबी गैंग का जिलों में विस्तार, रांची में होगा सम्मेलन…
इसे भी पढ़ें : लातेहार के जंगल में युवक-युवती के श’व मिलने से सनसनी…
इसे भी पढ़ें : CCL कर्मचारियों के बच्चों को मिलेगी स्कॉलरशिप…
इसे भी पढ़ें : दुमका में प्रज्ञा केंद्र संचालकों का हल्ला बोल…
इसे भी पढ़ें : गढ़वा में झोलाछाप डॉक्टरों पर आफत, बंद होंगे कई अवैध नर्सिंग होम…







