Patna : CM सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की अहम बैठक में जनकल्याण और विकास से जुड़े 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर गांव से लेकर शहर तक और किसान से लेकर पेंशनधारकों तक लाखों लोगों पर पड़ने वाला है। कैबिनेट के फैसलों में जहां गन्ना किसानों के वर्षों पुराने बकाये भुगतान का रास्ता साफ हुआ, वहीं ग्रामीण रोजगार, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, शिक्षा और शहरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी बड़े निर्णय लिये गये। बिहार कैबिनेट ने सासामुसा शुगर वर्क्स से जुड़े किसानों के लगभग 43 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को मंजूरी दे दी है। यह फैसला गोपालगंज और आसपास के गन्ना उत्पादक किसानों के लिये बड़ी राहत माना जा रहा है। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे किसानों को अब उनका बकाया मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं, बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से शुरू करने की उम्मीद भी मजबूत हुई है। बिहार कैबिनेट के इन फैसलों को सरकार का विकास-केंद्रित रोडमैप माना जा रहा है। किसानों के बकाये भुगतान से लेकर रोजगार सृजन, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण, शिक्षा, शहरी सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा तक लगभग हर क्षेत्र को छूने वाले फैसले यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार आने वाले समय में विकास की गति को और तेज करना चाहती है।
ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया सहारा
राज्य सरकार ने “विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)” को भी मंजूरी दे दी है। यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे बिहार में लागू होगी। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका के नये साधन मिलेंगे। कैबिनेट बैठक में सिंचाई परियोजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डकरानाला पंप नहर योजना के लिये 251.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं सिंधवारणी जलाशय योजना के लिये 196.89 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। इससे नहरों का विस्तार होगा और सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
बाढ़ नियंत्रण पर सरकार का बड़ा निवेश
हर साल बाढ़ की मार झेलने वाले बिहार के लिये राहत की खबर है। सरकार ने नदी प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए भी बड़ी राशि मंजूर की है। इससे 2026-27 में तटबंधों की मजबूती, नदी सुरक्षा और बाढ़ से बचाव के कार्यों को गति मिलेगी।
बिहारशरीफ से सहरसा तक बदलेगी शहरों की तस्वीर
शहरी विकास के मोर्चे पर भी सरकार ने कई अहम फैसले लिये हैं। बिहारशरीफ, हाजीपुर, बेगूसराय और सहरसा में सीवरेज तथा जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं की लागत 100 करोड़ रुपये से लेकर 375 करोड़ रुपये तक है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर शहरों में स्वच्छ पेयजल, बेहतर सीवरेज व्यवस्था और पर्यावरणीय सुधार देखने को मिलेगा।
IIT पटना को मिली बड़ी सौगात
उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। IIT पटना में रिसर्च पार्क और नये हॉस्टल निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के जरिये शोध, नवाचार और तकनीकी शिक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सरकारी व्यवस्था होगी और पारदर्शी
डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने के लिये सरकार ने ई-प्रोक्योरमेंट 2.0 और BIHAR SNA-SPARSH प्रणाली के लिए भी बजट स्वीकृत किया है। इन व्यवस्थाओं के लागू होने से सरकारी भुगतान, निविदा प्रक्रिया और वित्तीय निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी।
पेंशनधारकों के लिये सबसे बड़ी राहत
कैबिनेट ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मई, जून और जुलाई 2026 की अग्रिम राशि जारी करने को मंजूरी दी है। इसके लिये 3,662 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे लाखों वृद्धजन, दिव्यांग और अन्य लाभार्थियों को समय पर पेंशन मिल सकेगी।
फसल बीमा योजना फिर होगी लागू
किसानों के हित में एक और बड़ा फैसला लेते हुये सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को वर्ष 2026-27 से फिर लागू करने का निर्णय लिया है। इससे प्राकृतिक आपदाओं या मौसम की मार से फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। कैबिनेट ने वाणिज्य-कर विभाग, ई-स्टाम्प नियमावली और निजी नर्सिंग होम नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी है। वहीं, निवेश प्रोत्साहन बोर्ड को अधिक अधिकार दिये गये हैं, ताकि औद्योगिक परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया तेज हो सके और राज्य में निवेश का माहौल बेहतर बने।
इसे भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : आपसी सहमती से बनाये गये संबंध को चरित्र से जोड़ना गलत…
इसे भी पढ़ें : दिल्ली में INDIA ब्लॉक की महाबैठक, ऑनलाइन जुड़े CM हेमंत सोरेन…
इसे भी पढ़ें : राज्यसभा रण में ‘नथवाणी एंट्री’ से बढ़ी धड़कनें, झारखंड में दिलचस्प होगा मुकाबला…
इसे भी पढ़ें : सास-दामाद की लव स्टोरी, वीडियो वायरल…
इसे भी पढ़ें : स्टील प्लांट में बड़ा हा’दसा, कई की मौ’त…









