RANCHI : झारखंड की राजधानी रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट नवंबर के अंत तक अत्याधुनिक इंस्ट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (ILS) तकनीक से लैस हो जाएगा। इसके लग जाने के बाद बेहद खराब मौसम में भी विमान रांची एयरपोर्ट पर आसानी से उतर सकेंगे। उन्हें डायवर्ट कर दूसरे एयरपोर्ट पर ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जानकारी के अनुसार, मौजूदा समय में पुरानी आईएलएस तकनीक खराब हो चुकी है। इससे खराब मौसम और पुअर विजिबिलिटी के दौरान विमानों की लैंडिंग में परेशानी हो रही है। कम विजिबिलिटी होने पर रांची उतरने वाले विमानों को मजबूरन नजदीकी एयरपोर्ट पर जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में यहां 12 से 1500 मीटर की विजिबिलिटी होने पर ही विमानों की लैंडिंग हो रही है। 1200 मीटर से कम की विजिबिलिटी होने पर विमान डायवर्ट हो रहे हैं।
ठंड और कुहासे में पड़ता है अधिक प्रभाव
बता दें कि 12 अगस्त को रांची एयरपोर्ट पर इसी कारण कई विमान कोलकाता, पटना के लिए डायवर्ट कर दिए गए थे। मौसम साफ होने के लिए घंटों इंतजार करने के बाद विमान यात्रियों को लेकर रांची आए। जाड़े के दौरान दिसंबर जनवरी के मध्य झारखंड में भी कुछ दिनों का कुहासा पड़ता है। इसका असर रात और अहले सुबह अधिक होता है। इस दौरान आवाजाही करनेवाली विमान सेवाएं भी बाधित होती हैं।
‘रांची एयरपोर्ट पर फिलहाल यह आईएलएस तकनीक की सुविधा नहीं है। यहां विमानों की सुरक्षित लैंडिंग कराने के लिए आईएलएस सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नवंबर के अंत तक इसे लगा लिया जाएगा। इसके स्थापित हो जाने से यहां खराब मौसम और कुहासे के दौरान भी विमानों की लैंडिंग हो सकेगी।’
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