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मानसून की दस्तक से पहले ‘आपन सरस्वतिया’ की बढ़ाई गई रफ्तार…

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Garhwa : कभी शहर की पहचान रही सरस्वतिया नदी वर्षों से गाद, झाड़ियों और कचरे के बोझ तले अपनी सांसें गिन रही थी। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। नदी के किनारे फिर से हलचल है, मशीनों की आवाज है, लोगों का उत्साह है और एक सपना है, सरस्वतिया को उसका पुराना स्वरूप लौटाने का। गढ़वा में प्रशासन और आम लोगों की साझी पहल से चल रहा “आपन सरस्वतिया” अभियान अब जनभागीदारी का आंदोलन बन चुका है, रविवार को अभियान के 21वें दिन भी नदी को पुनर्जीवित करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी रहा।

मानसून की दस्तक से पहले बढ़ाई गई रफ्तार

आसमान में मंडराते बादलों और मानसून की आहट के बीच प्रशासन ने अभियान की गति और तेज कर दी है। रविवार सुबह नौ बजे से ही आधा दर्जन से अधिक जेसीबी और पोकलेन मशीनें नदी क्षेत्र में उतर गईं। वर्षों से जमी गाद, उगी झाड़ियां, सूखे पेड़ और जल प्रवाह में बाधा बने अवरोधों को हटाने का काम लगातार चलता रहा। मशीनों ने नदी के तल को गहराई तक साफ किया, ताकि बरसात का पानी बिना रुकावट बह सके और नदी फिर से जीवंत दिखाई दे। SDO संजय कुमार ने बताया कि बारिश शुरू होने के बाद नदी में जलस्तर बढ़ जायेगा, जिससे डी-सिल्टिंग और सफाई का कार्य प्रभावित हो सकता है। इसलिये मानसून आने से पहले अधिकतम कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि रविवार को मशीनों की संख्या बढ़ाकर काम को गति दी गई। यदि जनसहयोग से और JCB मशीनें उपलब्ध हो जाती हैं, तो अगले तीन-चार दिनों तक इसी रफ्तार से अभियान जारी रहेगा।

नदी बचाने मैदान में उतरे आम लोग

इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत प्रशासन नहीं, बल्कि आम लोग बन रहे हैं। स्थानीय नागरिक, समाजसेवी, युवा और स्वच्छता के प्रति जागरूक लोग लगातार श्रमदान कर रहे हैं। पिछले 15 दिनों से मेराल क्षेत्र में भी सरस्वतिया नदी की सफाई का कार्य लगातार जारी है। वहां भी लोगों की सक्रिय भागीदारी से सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है। SDO ने गढ़वा और मेराल के सभी सहयोगियों, समाजसेवियों और प्रबुद्ध नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि यह अभियान अब एक सशक्त जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

“सरस्वतिया हमारी धरोहर है”

अभियान के दौरान SDO संजय कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि सरस्वतिया नदी केवल जलधारा नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक पहचान है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर नदी को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में इसे दोबारा प्रदूषित करने की इजाजत किसी को नहीं दी जायेगी। प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लोग सफाई के बावजूद नदी में कचरा और अपशिष्ट फेंक रहे हैं। SDO ने चेतावनी दी कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी। इसके लिये नगर परिषद को भी आवश्यक निर्देश जारी किये जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि सरस्वतिया को स्वच्छ और अविरल बनाने के लिये किये जा रहे प्रयासों को किसी भी कीमत पर विफल नहीं होने दिया जायेगा। अभियान के दौरान नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुये। SDO ने कहा कि कुछ शिकायतें मिली हैं कि नदी क्षेत्र में कचरा फेंकने वालों को रोकने के बजाय खुद नगर परिषद द्वारा भी वहां कचरा डंप किया जा रहा है। कई मोहल्लों से नियमित कचरा उठाव नहीं होने की शिकायतें भी सामने आई हैं। SDO ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में शिकायतें सही पाई गईं, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी।

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