UP : ट्रांसपोर्टर पुष्पराज केसरवानी उर्फ विक्की के इकलौते बेटे शुभ का किडनैप कर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई। लगभग 13 साल की शुभ की डेड बॉडी एक जंगल में मिली। किडनैपरों ने बतौर फिरौती 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। शुरूआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि किसी पत्थर से कूच कर बच्चे की हत्या कर दी गई। डेड बॉडी मिलने के बाद हरकत में आई यूपी पुलिस और किडनैपिंग करने वाले बदमाशों की शंकरगढ़ में मुठभेड़ हुई। इसमें दो किडनैपर्स सुखदेव और संजय को गोली लगी है। वहीं, एनकाउंटर में एक सिपाही जख्मी हो गया। इकलौते बेटे की हत्या के बाद पुष्पराज केसरवानी और बच्चे की मां बेसुध हैं। चीख-चीत्कार करती मां बार-बार बेहोश हो जा रहीं हैं। वह अपने पति से केवल इतना ही बोल पा रही है कि, ”हमने कहा था रुपये दे दो, मेरे कलेजे के टुकड़े को कुछ नहीं होना चाहिये। आप नहीं माने। रुपये दे दिए होते तो मेला लाल बच जाता।” दिल दहला देने वाली यह वारदात प्रयागराज के शंकरगढ़ से सामने आई है।

घटना के बारे में अबतक जो बातें सामने आई है, उसके अनुसार शुभ बीते शनिवार को दिन के 4 बजे अपने घर के पास ही एक दुकान के पास खेल रहा था, तभी अचानक वह गायब हो गया। उसे इधर-उधर बहुत खोजा गया, पर वह नहीं मिला। करीब पांच-छह घंटे बाद शुभ के पिता पुष्पराज केसरवानी के पास फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि 15 लाख रुपये लेकर रीवा के डभऊरा के जंगल में आओ…नहीं तो तुम्हारे बेटे को गोली मार देंगे। डरे-सहमे पिता पुलिस को सबकुछ बता दिया। जिस नंबर से फोन आया था, उसे नंबर को पुलिस ने सर्विलांस पर लगा कर रख दिया। पुलिस किडनैपर्स तक पहुंचती, इससे पहले ही अपहृत शुभ की लाश अरवारा मोड़ के जंगल में मिल गई। यह जंगल झांसी-मिर्जापुर नेशनल हाइवे से करीब 250 मीटर दूर है।

प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने मीडिया को बताया कि पुष्पराज केसरवानी के बेटे शुभ की हत्या सुखदेव और संजय ने की है। सुखदेव का भाई लोकनाथ ट्रांसपोर्टर पुष्पराज का ट्रक चलाता है। उसका पुष्पराज के घर आना-जाना था। उनका बेटा शुभ, लोकनाथ और सुखदेव को जानता था। शनिवार की शाम 4 बजे शुभ दुकान पर खेल रहा था। तभी सुखदेव अपने दोस्त संजय के साथ पुष्पराज की दुकान पर गया। वहां शुभ से कहा कि चलो तुम्हें जंगल में खरगोश दिखाते हैं। चूंकि शुभ सुखदेव को जानता था, इसलिए वह उसके झांसे में आ गया और उसके साथ चला गया। किडनैपर्स को इस बात का अंदाजा हो गया था कि पुलिस को सूचना मिल गई है। इसलिए, पकड़े जाने के डर से बच्चे की हत्या कर दी गई। सुखदेव ने पुष्पराज के फोन पर करीब पौने 9 बजे कॉल किया। कॉल रिसीव नहीं हुई। करीब 15 मिनट के बाद पुष्पराज ने अननोन नंबर से मिस्ड कॉल देखी तो कॉल बैक किया। कॉल रिसीव करने वाले ने बताया कि तुम्हारे बेटे का अपहरण कर लिया है। 15 लाख रुपए लेकर डभऊरा के जंगल में आ जाओ। हां, कोई होशियारी मत करना। पुलिस को सूचना दी तो तुम्हारे बेटे की हत्या कर दी जायेगी।
इसे भी पढ़ें :दमदार टॉप 5 स्मार्टफोन लॉन्च, कम दाम में बेहतरीन चीज… जानें
इसे भी पढ़ें :केरल में खाते से उड़ाये 1 करोड़ 12 लाख, धराये रांची में… जानें
इसे भी पढ़ें :जानबूझकर कर्ज न चुकाने वाले को अब बड़ी ‘सजा’… जानें
इसे भी पढ़ें :अजनबी शहर में मुलाकात, कयामत बनी, मशहूर एक्टर्स परिणीति बनीं दुल्हन…
इसे भी पढ़ें :रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस को मिला ग्रीन सिग्नल, 27 सितंबर से…
इसे भी पढ़ें :केवल यह फार्मुला अपना बचा जा सकता है हार्ट अटैक से… जानें












